Ashwagandha benefits
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अश्वगंधा – एक चमत्कारी पौधा – Ashwagandha Benefits in Hindi

जड़ी-बूटियों या पंसारी की दुकान में आसानी से मिलने वाली अश्वगंधा (Ashwagandha Benefits in Hindi) बड़े काम की चीज है। वैसे यह तो यह एक जंगली पौधा है, मगर इसके औषधीय गुण काफी सारे हैं। आयुर्वेद और यूनानी मेडीसीन में अश्वगंधा (Ashwagandha Benefits in Hindi) को विशेष स्थान प्राप्त है। आमतौर पर अश्वगंधा को यौन शक्ति बढ़ाने की सबसे कारगर दवा के रुप में जाना जाता है। मगर आयुर्वेद में इसका उपयोग कई तरह की बिमारियों के इलाज में किया जाता है।

Table of Contents

अश्वगंधा का Scientific Name क्या है?

  • Withania Somnifera

इसका संस्कृत नाम क्या है? 

  • अश्‍वगंधा, वराहकर्णी और कमरूपिणी।

इसका सामान्‍य नाम क्या है?

  • विंटर चेरी, भारतीय जिनसेंग, असगंध।

इसका कौन सा भाग उपयोगी होता है? 

  • अधिकतर अश्वगंधा की जड़ और पत्तियों का इस्‍तेमाल किया जाता है लेकिन इसके फूल और बीज भी उपयोगी हैं।

अश्वगंधा की तासीर कैसी होती है?

  • अश्वगंधा शरीर में गर्मी उत्पन्न करता है। इसे अन्य जड़ी बूटियों के साथ मिलाकर लेना चाहिए जिससे शरीर में ज़्यादा गर्मी उत्पन्न ना हो।

अश्वगंधा की गंध कैसी होती है तथा इस अश्वगंधा ही क्यों कहा जाता है?

  • अश्वगंधा की कच्चे जड़ से अश्व यानि घोड़े के समान गंध आती है, इसलिए इसका नाम अश्वगंधा रखा गया है।

अश्वगंधा कहां पाया जाता है?

  • अश्वगंधा वैसे तो  पूरे भारत में पाया जाता है, मगर पश्चिमी मध्य-प्रदेश के मंदसौर जिले तथा नागौर (राजस्थान) में पायी जाने वाली अश्वगंधा सबसे गुणकारी होती है। 

अश्वगंधा का कौन सा भाग दवाओं के रूप में इस्तेमाल किया जाता है?

  • अश्वगंधा के पौधे के जड़ और बीज का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं के रुप में किया जाता है। 

अश्वगंधा को Indian Ginseng भी कहा जाता है इसका क्या मतलब होता है?

  • आयुर्वेदिक और यूनानी मेडिसीन में इसे अश्वगंधा को “Indian Ginseng भी कहा जाता है जिसका अर्थ है अंदर की ताकत बढ़ाने वाली रसायन।

(Ashwagandha Benefits in Hindi)

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अश्वगंधा का महत्तव:

  • अश्वगंधा एक बलवर्धक रसायन है। आचार्य चरक ने भी अश्वगंधा को उत्कृष्ट बलवर्द्धक माना है। वहीं सुश्रुत के अनुसार, यह औषधि किसी भी प्रकार की कमजोरी को कम करती है। इसका इस्तेमाल गठिया (Arthritis), तनाव, नींद में कमी, ट्यूमर, टीबी, दमा, स्किन की बीमारी, कफ-वात दमा, पीठ की दर्द, मासिक धर्म में गड़बड़ी, उच्च रक्तचाप, लीवर की समस्या समेत कई तरह की बिमारियों के दवा में किया जाता है।

अश्वगंधा के औषधीय गुण या फ़ायदे :

कामोत्तेजना बढ़ाने और पुरुष नपुंसकता को कम करने में (Ashwagandha for Estrus Stimulation and Impotency Treatment):

  • यौन शक्ति बढ़ाने या पुष्टि-बलवर्धन की इससे कारगर दवा आयुर्वेद में और कोई नहीं है।
  • अश्वगंधा का चूर्ण 15 दिन दूध, घी या पानी के साथ लेने पर यह शरीर को पुष्ट करता है। यह पुरुषों में वीर्य (Sperm) को ताकतवर बनाता है और वीर्य की संख्या को भी बढ़ाने में भी मदद करती है। 
  • यह एक प्रकार से कामोत्तेजक (Stimulator) की भूमिका निभाता है परंतु इसका कोई साइड इफेक्ट शरीर पर नहीं देखा गया है।
  •  यह एजिंग को रोकने का भी काम करती है  और आयु बढ़ाती है। इसके सेवन से पुरुषों की प्रजनन क्षमता बढ़ती है।

अवसाद-तनाव दूर करने और मानसिक शक्ति बढ़ाने में :

  • आयुर्वेद चिकित्सा में ऐसे कई प्रमाण मिले हैं जिसमें अश्वगंधा के चूर्ण को लंबी सांस के साथ सूंघने या भोजन के साथ खाने से अवसाद और तनाव दूर होते हैं। 
  • इसके अलावा यह मस्तिष्क की स्मरण शक्ति को बढ़ाने और चित्त को शांत करने में भी काफी काम करता है। 
  • मस्तिष्क की एक बीमारी है Cerebellar Ataxia, जिसमें अश्वगंधा के सेवन से बीमारी ठीक होती है और मस्तिष्क में संतुलन बना रहता है। 
  • 60 दिन तक 64 चिंता से ग्रस्त वयस्कों पर अध्ययन करने पर पता चला कि जो लोग एक दिन में 600 मिलीग्राम अश्वगंधा खाते थे उनमें डिप्रेश 79% कम हुआ और जो लोग इसका सेवन नहीं करते थे उनमें 10% समस्या और बढ़ गई थी।
  •  भारत में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान संस्थान में, मानसिक स्वास्थ्य पर अश्वगंधा के प्रभाव को, विशेष रूप से अवसाद (depression) में, अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन ने चिंता और अवसाद के संबंध में अश्वगंधा के लाभों का वर्णन किया है।

(Ashwagandha Benefits in Hindi)

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डायबिटीज (Ashwagandha for Diabetes):

  • अश्वगंधा के सेवन से ब्लड शुगर का स्तर कम होता है और यह मधुमेह की बीमारी को नियंत्रण में रखती है। 
  • इसके चूर्ण खाने से कोलेस्ट्रॉल भी कम होती है।
  • एक टेस्ट ट्यूब स्टडी में देखा गया था की अश्वगंधा खाने से इन्सुलिन की मात्रा शरीर में बढ़ती है और मांसपेशियों में इन्सुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है।
  • मनुष्यों पर अध्ययन करने से पता चला है कि अश्वगंधा खाने से स्वस्थ और डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर स्तर कम हो जाता है।

गठिया (Ashwagandha for Arthritis):

  • मेडिकल रिसर्च से पता चला है कि अश्वगंधा का एक खास सप्लीमेंट Articulin-F और दूसरी जड़ी-बूटियों के साथ मिला कर सेवन करने से गठिया में लाभ होता है।

पर्किंसंस की बीमारी (Ashwagandha for Parkinson’s Disease):

  • Parkinson’s एक दिमागी बीमारी है। जिसमें मस्तिष्क को संकेत देने वाले न्यूरॉन नष्ट हो जाते हैं और मरीज दिमागी रुप से कमजोर होने के कारण अपने शरीर पर कंट्रोल नहीं रख पाता है।
  •  शोध से पता चला है कि अश्वगंधा और कई अन्य जड़ी-बूटियों के सेवन से यह बीमारी कम होती है और मस्तिष्क में न्यूरॉन बनने लगते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर :

  • इसके सेवन से रक्तचाप में कमी आती है। हालांकि कम रक्तचाप (Low Blood Pressure) वाले इसके सेवन से परहेज करें।
  • अश्वगंधा खाने से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम हो जाती है जिससे हृदय की बीमारी होने की सम्भावना कम हो जाती है।

(Ashwagandha Benefits in Hindi)

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कैंसर और ट्यूमर :

  • शोध से पता चला है कि अश्वगंधा की जड़ में कुछ ऐसे तत्व भी हैं जिसमें कैंसर के ट्यूमर की वृद्धि को रोकने की पर्याप्त क्षमता होती है। 
  • इसकी जड़ में अल्कोहल के गुण होते हैं जो शरीर पर कोई टॉक्सिन नहीं छोड़ता है और इसमें ट्यूमर के ग्रोथ को रोकने की क्षमता होती है। अश्वगंधा कैंसर से छुटकारा दिलाने में बहुत सहायक होता है।
  • जानवरों और टेस्ट-ट्यूब में की जाने वाली जांच से पता चला है कि अश्वगंधा खाने से एपोप्टोसिस बढ़ता है जो कैंसर कोशिकाओं को मारने की एक विधि है। ये कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने में भी रोक सकती है।
  • अश्वगंधा “रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज़” (reactive oxygen species) बनता है जिससे कैंसर सेल ख़तम होते हैं। इससे कैंसर सेल एपोप्टोसिस का सामना नहीं कर पाते और ख़तम हो जाते हैं।

वात विकार (Gastric Problems):

  • इसके सेवन से किसी भी तरह के वात के विकार की बीमारी खत्म होती है।
  •  अश्वगंधा चूर्ण दो भाग, सोंठ एक भाग तथा मिश्री तीन भाग अनुपात में मिलाकर सुबह-शाम खाने के बाद गर्म पानी के साथ लें। 
  • यह संधिवात, गैस तथा पेट की और बीमारियों को खत्म करता है।

कफ-खांसी और दमा (Cough and Asthma):

  • कफ-खांसी और दमा में अश्वगंधा रामबाण की तरह काम करता है। 
  • इसके चूर्ण को गर्म दूध के साथ सेवन करें काफी आराम मिलेगा।

अनिद्रा-रोग में (Ashwagandha for Insomnia):

  • अश्वगंधा स्वाभाविक नींद लाने के लिए एक अच्छी दवा है।
  •  जिन्हें गहरी नींद नहीं आती या फिर जो नींद नहीं आने के रोग से परेशान हैं उन्हें इसका खीर पाक बनाकर सेवन करना चाहिए।

(Ashwagandha Benefits in Hindi)

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स्त्री रोगों में (Ashwagandha for Gynecological Problems):

  • श्वेत प्रदर में इसका चूर्ण 2 ग्राम के साथ, 1/2 ग्राम वंशलोचन मिलाकर सेवन करें। 
  • अल्प विकसित स्तनों के विकास के लिए शतावरी चूर्ण के साथ सेवन करना चाहिए।

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए :

  • यदि अश्वगंधा, मुलहठी और आंवला तीनों को समान मात्रा लेकर चूर्ण बनाकर एक चम्मच नियमित रूप से सेवन किया जाये तो आंखों की रोशनी बढ़ती है।

रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने में (Increasing Immune System) :-

  • अश्वगंधा का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाता है।
  • चूहों के ऊपर किए गए प्रयोग में पाया गया कि अश्वगंधा के सेवन से चूहों में लाल रक्त कोशिका और सफेद रक्त कोशिकाओं में भी वृद्धि हुई। 
  • इससे यह माना जा सकता है कि आदमी की लाल रक्त कोशिकाओं पर अश्वगंधा के सेवन से सकारात्मक प्रभाव हो सकता है, जिससे एनीमिया जैसी स्थितियों को रोकने में मदद मिल सकती है।

घाव भरने में उपयोगी :-

  • यह घाव भरने और उसके इलाज के लिए बहुत उपयोगी है। 
  • अश्वगंधा की जड़ों को पीस कर पानी के साथ एक चिकना पेस्ट बना लें। 
  • राहत के लिए घावों पर इस पेस्ट को लगाएं।

बीमारियों में आता है काम –

1. टीबी (Tuberculosis)

2. लीवर की बीमारी(Liver problems)

3. सूजन (Inflammation)

4. एजिंग को कम करने में (Anti-Aging)

(Ashwagandha Benefits in Hindi)

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सावधानी और नुकसान (Precautions and Side Effect of Ashwagandha):

पेट का अल्सर (Abdomen Ulcer):

  • अगर आपको पेट के अल्सर की बीमारी है तो इसका सेवन नहीं करें। 
  • इसके सेवन से पेट की आंतों में खासकर Gastrointestinal (GI) Tract में सूजन हो सकती है।

सर्जरी (Surgery):

  • अश्वगंधा सेंट्रल नर्वस सिस्टम के कार्य़क्षमता में कमी लाती है। ऐलोपैथी चिकित्सकों के अनुसार सर्जरी से पहले एनेस्थेसिया(बेहोशी की दवा) देने के दौरान अगर रक्त में अश्वगंधा रहे तो यह नर्वस सिस्टम पर असर डाल सकता है। इसलिए सर्जरी से दो हफ्ते पहले तक इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्भपात (Abortion):

  • अगर कोई गर्भवती हैं तो उसे अश्वगंधा का सेवन नहीं करनी चाहिए। इससे गर्भपात हो सकता है।

थॉयराइड (Thyroid):

  • इसके सेवन से थॉयराइड हार्मोन का स्राव तेजी से होने लगता है। 
  • जिसे थॉयराइड की बीमारी हो उसे इसके सेवन से परहेज करनी चाहिए।

सेडेटिव (Sedative)

  • वैसी दवा जिसके सेवन से नींद और नशे आती हो उसे सेडेटिव ड्रग कहते हैं। जो सेडेटिव ड्रग ले रहे हैं उन्हें अश्वगंधा का सेवन नहीं करनी चाहिए। 
  • अगर सेडेटिव ड्रग के साथ अश्वगंधा लेंगे तो ज्यादा नींद और नशे की शिकायत हो सकती है क्योंकि अश्वगंधा में पहले से ही सेडेटिव के गुण होते हैं।
  • मुख्य रूप से बेंज़ोडियाज़पीन लेते समय ध्यान रखें।
  • याद रखें कि अश्वगंधा कोई नींद लाने की दवा नहीं है।

(Ashwagandha Benefits in Hindi)

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डायबिटीज संतुलित करने वाली दवाइयां –

  • अश्वगंधा से डायबिटीज कम होती है। ये आपका ब्लड शुगर स्तर 12% कम कर देता है। 
  • अगर आप पहले से ही डायबिटीज की दवाइयां ले रहे हैं तो उसके साथ अश्वगंधा ना लें क्यूंकि इससे आपका ब्लड शुगर स्तर सामान्य से भी नीचे गिर जायेगा। 

बीपी कम करने वाली दवाइयां –

  • अगर आप हाई बीपी कम करने के लिए दवाइयां ले रहे हैं तो ध्यान रखें कि उनके साथ आप अश्वगंधा ना लें। 
  • ऐसा ना करने से आपका बीपी बहुत कम हो सकता है।

 कैसे करे अश्वगंधा का सेवन : –

  • अश्वगंधा जड़ बाजार में या तो पाउडर के रूप में, सूखे रूप में, या ताज़ा जड़ के रूप में उपलब्ध होती है।
  • आप 10 मिनट के लिए पानी में अश्वगंधा पाउडर को उबालकर अश्वगंधा की चाय बना सकते हैं। पानी के एक कप में पाउडर के एक चम्मच से अधिक प्रयोग न करें।
  • सोने से पहले अश्वगंधा जड़ पाउडर को एक गिलास गर्म दूध  के साथ भी ले सकते हैं।

(Ashwagandha Benefits in Hindi)

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अश्वगंधा की चाय बनाने का तरीका 

चाय बनाने के लिए सामाग्री:

  • अश्वगंधा की सूखी हुई जड़
  • पानी

विधि :

  • अश्वगंधा की सूखी हुई जड़ के पाउडर के 2 चम्मच लें। 
  • इसे 3.5 कप उबलते हुए पानी में डालें। 
  • अब इसे 15 मिनट तक उबलने दें। 
  • आप अपनी इच्छानुसार इसमें इलायची , शहद या तुलसी भी डाल सकते हैं।
  • अब आप इसे खूब अच्छे से छान लें ताकि कोई कण पानी में ना रहे। 
  • रोजाना इसे आप 1/4 कप पिएं। 
  • इससे मानसिक और शारीरिक थकान दूर होती है। 
  • अश्वगंधा की चाय के लिए उसकी जड़ों और पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • इसमें फ्लेवोनॉयड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो दिमाग को तेज करने के साथ-साथ उनको पोषण भी प्रदान करने में मदद करती हैं।

(Ashwagandha Benefits in Hindi)

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Fuggy Pandey

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