Benefits of Asafoetida in Hindi
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जानिए कितना गुणकारी होता है – हींग (Benefits of Asafoetida in Hindi)

हींग (Benefits of Asafoetida in Hindi) घर घर पाई जाने वाली चीज है। और यह भी कारण है की हींग (Benefits of Asafoetida in Hindi) हमारे खाने को तो Tasty बनाती ही है इसके साथ यह खाने को Digestible भी बनाती है। ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो हींग (Benefits of Asafoetida in Hindi) को सिर्फ और सिर्फ रसोईघर का मसाला मात्र समझते हैं वे  इसके औषधीय गुणों से रूबरू नहीं हैं। आइए आज मै आपको अपने इस ब्लॉग के माध्यम से हींग (Benefits of (hing) Asafoetida in Hindi) के कुछ चमत्कारी औषधीय गुणों से परिचय करवाती हूं।

Table of Contents

हींग के सामान्य नाम –
Common Names of Hing (Asafoetida) in Hindi

  • अगर हम बात करें इसके सामान्य नामों की तो इसे अन्य अन्य जगहों पर अन्य अन्य नामों से जाना जाता है जैसे –  हींग, हेंगु, हींगर, कायम, हिंगु, यांग और इंगुवा इत्यादि।

हींग का संस्‍कृत नाम –
Asafoetida Sanskrit Name

  • इसे संस्कृत में हिंगु के नाम से जाना जाता है।

हींग का उपयोगी भाग – Hing ka upyogi bhaag

  • अगर बात करें हींग के पौधे की तो इसका जड़ भाग और राइजोम का सूखा हुआ लैटैक्‍स जो एक चिपचिपे  पदार्थ जैसा होता है, उपयोगी होता है।

हींग को तैयार करने की विधि –
How to Prepare Hing (Asafoetida) in Hindi

  • सबसे पहले हींग के पत्तों में और हींग की छाल में बहुत हल्की सी चोट दी जाती है जिससे एक दूधनुमा सा पदार्थ निकलता है। इसी दुधनुमा पदार्थ को पेड़ की छाल पर या कुछ पत्तों पर सुखा लिया जाता है। और जब यह पूरी तरह सूख जाता है तो हमारी हींग तैयार हो जाती है।

हींग की प्रजाति – Asafoetida Species in hindi

  • अगर बात करें हींग की प्रजाति की तो यह सौंफ की प्रजातियों में से एक होता है।

हींग के पौधे की ऊंचाई –

  •   हींग का पौधा लगभग 1 से 1.5 मीटर लंबा होता है।

कच्ची हींग का स्वाद कैसा होता है?

  • कच्ची हींग का स्वाद लहसुन से थोड़ा मिलता जुलता सा होता है। लेकिन अगर इसे हम खाने को बनाते समय उसमें डाल देते हैं तो यह खाने का स्वाद दुगना कर देती है। 

हींग का स्वाद कैसा होता है?

  • क्योंकी हींग में सल्फर बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है इस वजह से हींग की गंध बहुत तेज होती है, और स्वाद बहुत कड़वा होता है। 

(Benefits of Asafoetida in Hindi)

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हींग कितने प्रकार की होती है?

अगर देखा जाए तो हींग के कुल चार प्रकार होते है।

  1. कंधारी हींग
  2. यूरोपीय वाणिज्य हींग, 
  3. भारतवर्षीय हींग 
  4. वापिंड हींग।

हींग का क्या रंग होता है?

  • हींग कई रंग की पाई जाती है जैसे कभी कभी सफेद तो कभी हल्का गुलाबी और कभी कभी पीला भी  होता है। 

हींग के फायदे:

अगर बात करे हींग के फ़ायदे की तो एक चुटकी हींग के अनगिनत फायदे होते हैं- 

  • हींग की उस छोटी सी डिबिया के अंदर ना जाने कितने ही स्वास्थ्य संबंधी गुण बंद होते हैं। नित प्रति दिन अगर हम खाने में चुटकी भर हींग इस्तेमाल करते हैं तो  खाने का तो जायका तो बढ़ता ही है इसके साथ साथ ही स्वास्थ्य सम्बन्धी अनेकों लाभ भी होते हैं। 
  • अक्सर हम लोग  हींग  का इस्तेमाल अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जैसे – दालों में या सब्जी में तड़का लगाने के लिए करते हैं। लेकिन अगर  हम बात करे दवाओं की तो आयुर्वेद में भी हींग का इस्तेमाल बड़े स्टर पे किया जाता है। आइए देखते हैं कि चुटकी भर हींग के कितने फायदे होते हैं।

हींग खाने के लाभ :

अपच को करे दूर :

  • इसके अंदर  Anti-Inflammatory और Antioxidant  दोनों गुण मौजूद होते हैं जो पेट के कीड़े, खराब पेट, अपच, एसिडिटी,  पेट में होने वाला दर्द जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करते हैं। 
  • अगर हम रोजाना हींग का इस्तेमाल करते हैं तो इससे खाना सुपाच्य बनता है।

पेट  सम्बंधित समस्याओं का उपचार करने के लिए निम्नलिखित उपाय का करें –

  •  Daily Diet में हींग किसी ना किसी रूप में अवश्य शामिल करें।
  • डेढ़ कप पानी लें उसमें थोड़ी हींग डालकर अच्छे से मिला लें और हर रोज खाने के बाद इसे ले।

अनियमित पीरियड का इलाज :

  • हींग में  एंटी इनफ्लैमेटरी गुण पाया जाता है जो अनियमित पीरियड या पीरियड के दौरान होने वाली बाकी अन्य समस्याएं सभी से ये हींग आपको छुटकारा दिलाती है।  
  • इसी के साथ महिलाओं में होने वाली अन्य समस्याएं जैसे – ल्यूकोरिया आदि में भी राहत दिलाती है।

मासिक धर्म से सम्बंधित परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए नीचे दिए गए उपाय करें –

  • एक गिलास छाछ लें और उस में एक चुटकी हींग, डेढ़ चमच्च मेथी पाउडर और अपने स्वादानुसार काला नमक मिला कर पिएं। इससे आपको काफी लाभ देखने को मिलेगा।
  • पीरियड के दौरान अगर दर्द अधिक हो रहा है तो उसे कम करने के लिए आप ऊपर दी गई ड्रिंक हफ्ते या 15 दिन में एक बार ले सकते हैं।

कंजेस्शन से दिलाती है राहत : 

  • हींग में Naturally  कफ को दूर करने की अद्भुत क्षमता पाई जाती है। 
  • हींग एक बेहद शक्तिशाली श्वसन उत्तेजक माना गया है।

(Benefits of Asafoetida in Hindi)

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श्वसन सम्बंधित समस्याओं से राहत पाने के लिए इन उपायों का पालन करें –

  •  सबसे पहले तो पानी और हींग का एक पेस्ट बना कर तैयार कर लें। अब उस पेस्ट का अपनी छाती पर हल्के हाथों से लेप लगाएं। यह उपाय आपको खांसी से छुटकारा दिलाने के लिए बेहतर उपाय है।
  • डेढ़ चमच्च हींग पाउडर ले लें तथा उसे डेढ़ चम्मच सूखे अदरक के पाउडर में और दो चम्मच शहद में मिलाकर एक अच्छा सा मिश्रण बना लें। अब इसे दिन में कम से कम तीन से चार बार सुखी खाँसी, कफ वाली खांसी, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा जैसी बीमारियों  में इस्तेमाल करें। बहुत अच्छा परिणाम दिखाई देगा 

यौन समस्याओं में अत्यन्त लाभकारी :

  • हींग का सेवन हम  पुरुषों में Dementia, Sperm Deficiency, Impotence etc.के उपचार में कर सकते हैं। रोज के खाने में यदि हम हींग (Benefits of Asafoetida in Hindi) का इस्तेमाल करते हैं तो हमें सेक्स सम्बन्धी समस्याएं कम होती हैं।

यौन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए निम्न उपाय करें –

  • इसके लिए सबसे पहले एक-चौथाई चम्मच हींग लें और उसे घी में अच्छे से भून लें।
  • भूनने के बाद उसे आंच से उतारकर उसमें बरगद के पेड़ का ताजा ताजा लेटेक्स आधा चम्मच और उसमें थोड़ा-सा शहद मिलाएं।
  • Daily सुबह सुबह 40 दिन तक इसे इस्तेमाल करें।
  • एक गिलास गर्म पानी में चुटकी भर हींग डालकर रोजाना पीने से शरीर में blood Circulation तेज होता है।

हाई ब्लड प्रेशर रहता है कंट्रोल में : 

  • हींग में  Coumarins  नामक तत्व पाया जाता है जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। 
  • इससे खून पतला होता है तथा ब्लड का flow बढ़ाता है। इससे क्या होता है कि खून के थक्के नहीं जमते हैं। 
  • यह Cholesterol और Triglycerides level  को कम करता  है, जिससे हाइपरटेंशन नहीं होता।

(Benefits of Asafoetida in Hindi)

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किसी भी प्रकार के दर्द से राहत :

  • हींग में एंटी ऑक्सीडेंट और कुछ दर्द निवारक तत्व पाए जाते हैं जो हर प्रकार के दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।
  • हींग का सेवन करने से   दांत दर्द, माइग्रेन, पीरियड, या पेट दर्द, आदि में राहत मिलती है।

ब्लड शुगर लेवल कम करे :

  • हींग में Anti Diabetic तत्व भी मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कम करने में सहायक होते हैं। 

 कान के दर्द को कम करने में :

  • हींग के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण तो पाया ही जाता है साथ ही इसमें एंटी-बायोटिक गुण  कान में संक्रमण से होने वाले दर्द से जल्द राहत दिलाता है।

 कान दर्द कम करने के लिए करे ये उपाय :

  • सबसे पहले एक बर्तन में नारियल तेल गर्म कर लें। इसके बाद  इसमें एक चुटकी हींग डालें और इन दोनों को मिला लें।
  • जब यह थोड़ा गुनगुना रह जाए, तो इसे ड्रॉपर की सहायता से कानों में डालें।

दांत दर्द में लाभकारी :

  • हींग में मौजूद Anti – Inflammatory, Anti – Biotic and Anti – Oxidant  गुणों की वजह से यह दांत दर्द और दातों में हुए Infection को कम करता है।
  • हींग मसूड़ों से खून निकलना, Tooth Decay में भी काफी राहत दिलाता है।

दाँत सम्बंधित समस्याओं से राहत पाने के लिए, इन उपचारों में से किसी एक उपचार का पालन  तब तक करें, जब तक राहत नहीं मिलती –

  • दाँत दर्द में आराम पाने  के लिए जिस भी दांत में दर्द है उसमें हींग का एक छोटा सा टुकड़ा रख लें।
  • इसमें हींग से कुल्ला भी किया जा सकता है।  यह करने के लिए एक कप पानी में चुटकी भर हींग और 3 से 4 लौंग उबाल लें। जब यह  गुनगुना हो जाए तो इस मिश्रण से कुल्ला करें।
  • आधा चमच्च हींग में दो चमच्च नींबू का रस मिलाकर गाढ़ा घोल बना लीजिए और फिर इसे जिस भी दांत में कीड़ा लगा हो या दर्द हो उस दांत पर  रुई की मदद से इस घोल को लगा लीजिए। कुछ देर में आप देखेंगे कि आपका दर्द बिलकुल छू मंतर हो गया है।

(Benefits of Asafoetida in Hindi)

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हींग से होने वाले कुछ नुक़सान –

वैसे अगर देखा जाए तो (Benefits of Asafoetida in Hindi) हींग के अनगिनत फ़ायदे हैं लेकिन जैसा कि कहा गया है ना कि  किसी भी चीज अगर अति हो जाती है तो वह नुकसान का कारण बनती है। इसके अलावा भी कुछ चीजें जैसे – स्वास्थ्य संबंधित कुछ समस्या या कुछ शारीरिक बदलाव भी नुकसान दायक होता है।  हींग का सेवन जितना कम मात्रा में  उपयोग किया जाए उतना ही फायदेमंद होता है। 

एक बार में अधिक हींग का प्रयोग भी नुकसानदायक साबित हुआ है। इसका अधिक प्रयोग करने से –

  • सीने में जलन होना।
  • एसिडिटी का होना।
  • सिरदर्द का कारण। 
  • अधिक डकार आना।
  • दस्त होना।

  आदि समस्याएं देखी गई हैं।

गर्भावस्था और स्तनपान :

  • हींग का अधिक सेवन गर्भवती स्त्रियों में गर्भाशय के संकुचन का कारण बन सकती है और गर्भपात की  जिम्मेदार भी हो सकती है। यही कारण है कि, गर्भावस्था में इसका प्रयोग करना असुरक्षित होता है।
  • क्योंकी हींग में फेरयूलिक (Ferulic) एसिड नामक तत्व पाया जाता है इसी के साथ साथ कुछ अन्य रासायनिक तत्व पाए जाते हैं  जो की  स्तन के दूध में किसी disorder का कारण बन सकते हैं। 
  • अपने ये तो देखा ही की हींग की तासीर गर्म होती है, इसलिए यह नन्हे बच्चों में खून संबंधी कई समस्याओं का कारण भी बन सकती है। यही कारण है कि गर्भावस्था के साथ साथ स्तनपान में  भी हींग का उपयोग असुरक्षित मानते है।

रक्तस्राव विकार :

  • क्योंकी हींग की तासीर अत्यन्त गर्म होती है इस  कारण से इसके अधिक प्रयोग से खून बहने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को खून से सम्बन्धित कोई समस्या है तो उसे हींग का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

मिर्गी : 

  • मिर्गी के रोगियों को हींग एक निश्चित मात्रा में ही उपयोग करना चाहिए।  

सर्जरी के पहले और बाद में :

  • हींग खून के बहने या रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया को थोड़ा धीमा कर सकती है। यही कारण है कि सर्जरी होने के लगभग  14 दिन पहले से ही इसे नहीं लेना चाहिए। और सर्जरी के बाद भी बिना डॉक्टर से एक बार पूछे इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

(Benefits of Asafoetida in Hindi)

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कुछ अन्य साइड इफेक्ट्स :  

  • अगर इसे हम ज्यादा मात्रा में लेते हैं तो इससे पेट में छाले होने खतरा रहता है।
  • इससे अल्सरेटिव कोलाइटिस होने का भी खतरा होता है अगर इसे हम अधिक मात्रा में इस्तेमाल करते हैं तो।
  • अधिक मात्रा में हींग का सेवन हमारे पेट खराब होने का एक कारण हो सकता है। 
  • ज्यादा हींग के सेवन से कुछ लोगों में Skin Rashes भी देखने को मिला है
  • अगर हींग का सेवन सिर दर्द की दवा का काम कर सकता है तो इसी हींग का ज्यादा सेवन सिर दर्द और चक्कर आने का कारण भी बन सकता है।
  • हींग के अत्यधिक सेवन से होंठों में सूजन भी हो सकती है।

क्यों होती है हींग नुकसानदायक? 

  • अब आप सोच रहे होंगे कि जब हींग इतनी फायदेमंद होती है  तो भला यह नुकसानदायक कैसे हुई? तो इसका जवाब आपको आयुर्वेद में मिल जाएगा। अगर आयुर्वेद के अनुसार देखें तो हींग के  सेवन के बाद यह शरीर के अंदर गर्मी पैदा करती है। क्योंकी हम आपको पहले ही बता चुके हैं इसकी तासीर गर्म होती है। इसी गर्म तासीर के चलते इसके कुछ नुकसान देखने को मिलते हैं। 

(Benefits of Asafoetida in Hindi)

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Fuggy Pandey

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