CORONA VIRUS

कोरोना वायरस (COVID-19) से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य : जरूर पढ़े – Corona Virus

  • दुनिया भर में कोरोना वायरस के केस लगातार सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने कोरोना वायरस को अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है।
  • चीन से बाहर 100 देशों में कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है. इन देशों में थाईलैंड, ईरान, इटली, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी , भारत और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

कोरोना वायरस क्या है?

  • कोरोनावायरस वायरस की एक family है जिसमें वायरस होते हैं जो Center East Breathing Syndrome (MERS) और Serious Intense Respiratory Syndrome (SARS)और हल्के से संक्रामक वायरस का कारण बनते हैं। हाल के दौरों को बनाने वाला, जिसे पहली बार चीन में वुहान जिले में रिपोर्ट किया गया था, एक unique कोरोनावायरस है जिसे पहले मान्यता नहीं दी गई थी। वायरस का आधिकारिक नाम SARS-CoV-2 है और CDC वेब साइट के अनुसार, यह बीमारी कोरोनावायरस 2019 (COVID-19) है।

  • एक संक्रमित व्यक्ति से Respiratory droplets को inhale करने  से कोरोनावायरस संचरण होता है। इसके अलावा, एक ही family के वायरस ज्यादातर अपनी infectivity के साथ-साथ severity में अलग अलग हो सकते हैं, क्योंकि COVID -19 के कारण public health के लिए खतरे का अनुमान लगाना कठिन है।
  • चूंकि दुनिया भर में लगभग 90,870 पुष्ट मामलों के साथ दुनिया भर में positive cases की संख्या बढ़ रही है , एक महामारी का आतंक बढ़ रहा है। इन समस्याओं के बीच, वैज्ञानिकों ने पिछले महीने कोरोना वायरस पर 500 से अधिक research paper जारी करके और कोरोना वायरस के प्रसार को  समझने के लिए viral genome की sequencing करके workplace पर कड़ी मेहनत की है।
  • कोरोनावायरस के लिए developing treatment के साथ, infected person का  identification बीमारी को बढ़ने से बचने के लिए महत्वपूर्ण है। Present में उपलब्ध कोरोनावायरस test  qRT-PCR पर based हैं और contagion का diagnose करने के लिए न्यूनतम 4-6 घंटे (कभी-कभी इससे ज्यादा) की आवश्यकता होती है। इस बीमारी के easy transmission  के कारण, human sample में वायरस का तुरन्त पता लगाने के लिए easy to use kit समय की मांग है।
  • CRISPR researchers CRISPR diagnostic का use करके कोरोनावायरस का पता लगाने के लिए एक feasible solution के साथ आए हैं। Mammoth Biosciences के specialist और SHERLOCK biosciences के co- founders ने individually 30-60 मिनट में नमूनों से SARS-CoV-2 RNA की खोज करने के लिए CRISPR- based system develope  किया है।

क्या हैं इस बीमारी (COVID-19)के लक्षण?

  • इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पाया गया था।

क्या हैं इससे बचाव के उपाय?

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO और कई पब्लिक हेल्थ अथॉरिटीज ने कुछ बेसिक गाइडलाइन्स जारी किए हैं, जिसे फॉलो करके आप अपने ऑफिस और काम करने की जगह पर सिर्फ कोरोना वायरस ही नहीं बल्कि किसी भी तरह के इंफेक्शन को फैलने से रोक सकते हैं। आइए, जानते हैं कोरोना से बचने के उपाय –

  1.  हाथों को साबुन से धोना चाहिए।
  2. अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। हैंड सैनिटाइजर्स को वर्कप्लेस पर भी कैरी करना चाहिए। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने का सबसे बेस्ट तरीका यही है कि आप हाथों की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। अगर आपके हाथ साफ हैं तो सिर्फ कोरोना वायरस ही नहीं बल्कि किसी भी वायरस और बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
  3. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें।
  • आपको अगर खांसी, जुकाम या कफ की समस्या है या आपके ऑफिस में किसी को यह समस्या है, यह न समझें कि यह कोरोना वायरस ही है बल्कि तुंरत चेकअप कराएं।साधारण फ्लू होने पर भी मास्क, टिश्यू, जैसी चीजों का इस्तेमाल जरूर करें।
  1.  जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें।
  2. अंडे और मांस के सेवन से बचें।
  3.  जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
  4. तबियत ज्यादा खराब हो, तो घर पर रहें ।आप हैं, तो जहां है।इस बात को ध्यान रखते हुए अगर आपकी तबियत ज्यादा खराब है, तो घर पर रहने में ही भलाई है।आप घर पर रहकर पूरी तरह ठीक होने के बाद ही ऑफिस ज्वाइन करें।
  5. वर्क स्टेशन को साफ-सुथरा रखें 
  6. ऑफिस में आप 8-9 घंटे बिताते हैं, ऐसे में यहां इंफेक्शन होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।वहीं, ऑफिस में चाहें कितनी भी साफ-सफाई क्यों न हो लेकिन आपको ऑफिस पहुंचते ही सबसे पहले अपना वर्क स्टेशन साफ करना चाहिए।वर्क स्टेशन के साथ आपको कीबोर्ड, माउस जैसी चीजों जहां पर बार-बार सभी के हाथ लगते हैं, उसे भी साफ करना चाहिए।
  7. डिस्पोजेबल वाइप्स का इस्तेमाल करें 
  8. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन की मानें, तो ऑफिस में कर्मचारियों को डिस्पोजेबल वाइप्स दिए जाने चाहिए ताकि वे कॉमन जगहें जैसे- दरवाजों का हैंडल, डोर नॉब, लिफ्ट का बटन, रिमोट कंट्रोल, डेस्क आदि को छूने से पहले वाइप्स से साफ कर लें। ऐसा करने से भी कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।
  9. जो लोग कोल्ड और फीवर जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, सतर्कता बरतते हुए वे यात्रा करने से बचें। अगर यात्रा करनी ही पड़े मास्क पहनें और खाने-पीने से संबंधी सावधानियां जरूर बरतें।
  10. जो लोग दूसरे देशों की और खासतौर पर चीन की यात्रा से वापस लौट रहे हैं, उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर करॉना वायरस की जांच की व्यवस्था की गई है। अगर आप दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै, बेंग्लुरु, कोच्ची, हैदराबाद एयरपोर्ट पर चीन की यात्रा करके लौट रहे हैं तो करॉना वायरस की जांच के लिए आपकी स्वास्थ्य संबंधी चांज की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान स्टाफ का पूरा सहयोग करें।
  11. – ऐसा पैक्ड फूड या डिब्बा बंद फूड खाने से बचें जिसमें मीट या सी-फूड का इस्तेमाल किया गया हो। बेहतर होगा कि यात्रा के दौरान आप कुछ ड्राई और सेफ फूड अपने साथ कैरी करें। इनमें खाखरा, मीठी-नमकी भुजिया, सेव, वेज कूकीज जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं।


Corona से जुड़ी कुछ खास जानकारी – 

  • कोरोना से दुनिया भर में अब तक 3200 लोग मरे हैं।
  • ईरान में अब तक कोरोना से 92 और दक्षिण कोरिया में 32 लोगों की मौत हो चुकी है.
  • सियेटल में फेसबुक के एक इम्पलॉई में covid 19 का संक्रमण पाया गया है।
  • सिर्फ इटली में ही अब तक कोरोना से 366 लोगों की मौत हो गयी है।
  • चीन के हुबेई प्रांत में अब तक कोरोना से प्रभावित लोगों की संख्या 88,466 हो गयी है।
  • चीन के हुबेई प्रांत में अब तक कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या 3200 हो गयी है।
  • दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 1,00,000 के पार चली गयी है।

जीन-एडिटिंग टूल कोरोनावायरस का पता लगाने में कैसे मदद करता है?

CRISPR डायग्नोस्टिक्स के साथ कोरोनावायरस का पता लगाना

  • CRISPR ने अपने development के बाद gene editing tools के रूप में लोकप्रियता हासिल की, हालांकि,  scientists ने जल्द ही diagnostic में इसके potential को समझा। CRISPR guide RNA पर depend करता है जो अपने complementary Target sequence के साथ-साथ precise site पर आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले Cas 9 nucleus cutting पर निर्भर करता है। Remarkably alternativeCas nucleases पर research के लिए Thanks, पिछले कुछ वर्षों में site specific cleavage tool के बजाय एक location finder  के रूप में CRISPR की functionality उत्पन्न हुई है।


  • Mammoth Biosciences के Chief Executive Officer, Trevor Martin ने पिछले CRISPR Cuts podcast interview में कहा था कि “We consider CRISPR fundamentally as a sort of search engine for biology- like Google for biology- then a type of word processing device.”
  • CRISPR डायग्नोस्टिक्स में two nucleases विशेष रूप से प्रमुख रहे हैं, namely Cas12a और Cas13a। Cas12a DNA specific है, और Cas13a RNA के साथ collaborate करता है। Mechanism का एक भाग Cas9 जैसा दिखता है – एक overview RNA that iscomplementary to the target sequence , particular binding के लिए आवश्यक है और साइट पर Cas12a / Cas13a nuclease cleaves भी है। Cas12 और Cas13 nucleases का एक integruing function यह है कि वे trans या collateral cutting activity दिखाते हैं। एक बार target मिलने के बाद nucleases  आसपास मौजूद अन्य non targeted न्यूक्लिक एसिड molecules को काट देगा। यह character CRISPR diagnostic में visual read out के लिए रिपोर्टर सिस्टम बनाने के लिए लिया गया है।

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Fuggy Pandey

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