Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi
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दूध के 145 फायदे और नुकसान – Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi

आपको शायद दूध (Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi) पीना बिल्कुल भी पसंद ना हो, लेकिन यहां पर मैं आपको दूध के एक नहीं 145 फायदे (Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi) बताने जा रही हूँ जिनको पढ़ने के बाद आप दूध पीना जरूर शुरू कर देंगे। और साथ ही मैं दूध के नुकसान के बारे में भी बात करुँगी। इसके लिए आपको यह आर्टिकल पूरा पढ़ना होगा। दूध पुराने समय से ही हम मनुष्यों को बहुत पसन्द आता रहा है और इसे धरती का अमृत भी  कहा गया है। तो आइये बात करते है – दूध से होने वाले 145 फायदों (Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi) और कुछ नुकसान के बारे में।

Table of Contents

दूध की तासीर कैसी होती है?

  • दूध की तासीर ठंडी होती है। इसे किसी भी मौसम में पिया जा सकता है।

दूध से क्या – क्या बनता है?

  • खीर, खोआ, रबड़ी, कुल्फी, आईस्क्रीम, दही, पनीर, छेना, श्रीखंड, चीज़, मक्खन, घी, लस्सी, मट्ठा।

दूध को पूर्ण भोजन क्यों माना गया है?

  • दूध में विटामिन `सी´ को छोड़कर शरीर के लिए सभी पोषक तत्त्व यानि विटामिन पाए जाते हैं। इसलिए दूध को पूर्ण भोजन माना गया है।

सभी दूधों में से किसके दूध को सर्वश्रष्ठ माना गया है?

  • सभी दूधों में माता के दूध को श्रेष्ठ माना जाता है, दूसरे स्थान पर गाय का दूध माना गया है। 

बीमार लोगों के लिए किसका दूध अच्छा होता है?

  • बीमार लोगों के लिए गाय का दूध श्रेष्ठ है।

गैस तथा कमजोर पाचन शक्ति वालो को दूध कैसे पीना चाहिए?

  • गैस तथा मन्दपाचनशक्ति वालों को सोंठ, इलायची, पीपर, पीपरामूल जैसे पाचक मसाले डालकर उबला हुआ दूध पीना चाहिए।
  •  दूध को ज्यादा देर तक उबालने से उसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं और दूध गाढ़ा हो जाता है।
  •  दूध को उबालकर उससे मलाई निकाली जाती है। 

(Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi)

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दूध की मलाई कैसी होती है?

  •  मलाई गरिष्ठ
  •  शीतल (ठण्डा)
  •  बलवर्धक
  •  तृप्तिकारक
  • पुष्टिकारक
  •  कफकारक और धातुवर्धक होती  है। 
  • यह पित, वायु, रक्तपित एवं रक्तदोष को खत्म करती है।

जिन लोगों को पेशाब में जलन हो उन्हें दूध कैसे पीना चाहिए?

  •  गुड़ डाला हुआ दूध मूत्रकृच्छ (पेशाब में जलन) को खत्म करता है।

सुबह के दूध की तासीर कैसी होती है?

  •  सुबह का दूध विशेषकर शाम के दूध की तुलना में भारी व ठण्डा होता है। 

रात में दूध पीने से कौन कौन से फ़ायदे बताए गए हैं?

  • रात में पिया हुआ दूध बुद्धिवर्द्धक
  • टी.बी.नाशक
  • बूढ़ों के लिए वीर्यप्रद आदि दोषों को खत्म करने वाला होता है। 
  • खाने के बाद होने वाली जलन को शान्त करने के लिए रात में दूध पीना चाहिए।
  • दूध ज्यादा जलन वालों
  • कमजोर शरीर वालों
  • बच्चों, जवानों और बूढ़ों सभी के लिए अत्यन्त लाभकारी है।
  • यह जल्दी ही वीर्य पैदा करती है।

(Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi)

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भैंस का दूध कैसा होता है? 

  • भैंस के दूध में चर्बी की मात्रा होने से वह पचने में भारी रहता है।

गाय का दूध कैसा होता है? 

  • `चरक´ के अनुसार गाय का दूध स्वादिष्ट
  • शीतल (ठण्डा)
  • कोमल
  • भारी और मन को खुश करने वाला होता है। 

बकरी का दूध कैसा होता है?

  • बकरी का दूध कषैला, मीठा, शीतल, मन को रोकने वाला तथा हल्का होता है। 
  • यह रक्तपित्त, दस्त, टी.बी., खांसी तथा बुखार को दूर करता है। 
  • बकरियां कद में छोटी होती हैं और तीखे व कड़वे पदार्थ सेवन करती हैं, पानी कम पीती है, मेहनत अधिक करती हैं। अत: उनका दूध सारे रोगों को खत्म करता है। 
  • स्वस्थ बकरी का दूध ज्यादा निरोग माना जाता है। 
  • गाय के दूध की तुलना में बकरी का दूध जल्दी पचता है। अत: छोटे बच्चों के लिए यह लाभकारी है। 

स्त्री का दूध कैसा होता है?

  • स्त्री का दूध हल्का और ठण्डा होता है।
  • जलन एवं वायु, पित, आंखों के रोग और ‘शूलनाशक है।
  • यह नाक से सूंघने से तथा आंखों में डालने के लिए गुणकारी है। 

अलग अलग प्राणियो में दूध की विशेषताएं:

अलग-अलग प्राणियों के दूध की अलग-अलग विशेषताएं हैं –

  •  भैंस का दूध निद्राकारक (नींद लाने वाला) है।
  •  बकरी का दूध खांसी, अतिसार (दस्त) और बुखार को दूर करता है। 
  • भेड़ का दूध गर्मी और पथरी को दूर करता है। 
  • घोड़ी का दूध गर्म और बलकारी होता है। 
  • ऊंटनी का दूध जलोदर (पेट में पानी भरना) को मिटाता है। 
  • गधी का दूध बच्चों को शक्ति प्रदान करता है, और दिल को मजबूत बनाता है यह खांसी में भी ज्यादा लाभकारी है।

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यूनानी चिकित्सा के अनुसार दूध का क्या महत्व बताया गया है?

 यूनानी चिकित्सा पद्धति के अनुसार-

  • दूध पाचक 
  • दिल-दिमाग को खुश करने वाला 
  • शरीर को कोमल तथा मजबूत बनाने वाला
  • शरीर की रौनक बढ़ाने वाला
  • बुद्धिवर्द्धक
  • अर्श (बवासीर)
  • क्षय (टी.बी.)
  • बुढ़ापे की बीमारियों में लाभकारी है।

दुग्ध आहार किसे कहते हैं? 

  •  दूध एक सम्पूर्ण आहार होता है। इसमें सभी आवश्यक तत्व उपस्थिति होते हैं।
  •  सभी दूधों में भी गाय का दूध सर्वाधिक लाभदायक होता है। बशर्तें गाय को आहार अच्छा दिया जाए और दूध दुहने में स्वच्छता बरती जाए यदि गाय, भैंस और बकरी स्वस्थ है तो सीधे थन से ही अथवा एक उबाल का दूध पीना चाहिए। 

दूध आहार और दुग्धकल्प में क्या अन्तर है?

  • दूध आहार में दूध के साथ अन्य आहार भी लिया जाता है किन्तु दुग्धकल्प में सिर्फ दूध ही पिया जाता है, वह भी योजनाबद्ध तरीके से। 

दूध के साथ इस्तेमाल न की जाने वाली वस्तुएं कौन कौन सी हैं?

  • दूध के साथ केला, अनन्नास, जामुन, मूली, धनिया, लहसुन, उड़द की दाल, मट्ठा, दही, इमली, आम की खटाई (अमचूर) आदि सेवन करना हानिकारक होता है।

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दूध से होने वाले फ़ायदे :-

  1. बच्चे बड़े होने पर कमजोर हो या उन्हें सूखा रोग (रिकेटस) हो तो उन्हें दूध में बादाम मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। 
  1. आधा किलो दूध में 250 ग्राम गाजर को कद्दूकस से छोटे-छोटे पीस करके उबालकर सेवन करने से दूध जल्दी हजम हो जाता है। दस्त साफ आता है व दूध में लोहे की मात्रा अधिक हो जाती है।
  1. स्त्री प्रसंग (संभोग) करने के बाद एक गिलास दूध में 5 बादाम पीसकर मिलाएं और इसमें 1 चम्मच देशी घी डालें और पी जाएं। इस प्रयोग से बल मिलता है। नामर्दी दूर करने के लिए सर्दियों के मौसम में दूध में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग केसर डालकर पीना चाहिए। 
  1. जिन्हें अम्लपित्त (पेट से कंठों तक जलन) हो, उन्हें दिन में 3 बार ठण्डा दूध पीने से लाभ होता है। ऐसे लोगों को गाय या बकरी के दूध का प्रयोग करना चाहिए। इस स्थिति में भैंस के दूध का सेवन हानिकारक होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आधा गिलास कच्चा दूध, आधा गिलास पानी, 2 पिसी हुई छोटी इलायची मिलाकर सुबह पीने से अम्लपित्त में लाभ होता है।
  1. थकावट दूर करने के लिए 1 गिलास गर्म दूध का सेवन करना चाहिए।
  1. 1 चम्मच कच्चे दूध में थोड़ा-सा केसर मिलाकर होंठों पर मालिश करने से होंठों का कालापन दूर होता है। तथा होंठ गुलाबी होते हैं। 
  1. चेहरे पर से झांई, मुंहासे और दाग-धब्बे हटाने के लिए रात को सोने से पहले गर्म दूध चेहरे पर मलें, फिर आधे घंटे के बाद साफ पानी से धोयें इससे चेहरे की सुन्दरता बढ़ती है। दूध की झाग चेहरे पर मलने से दाग-धब्बे समाप्त हो जाते हैं। चेहरे पर झांई, कील, मुंहासे, दाग, धब्बे दूर करने के लिए सोने से पहले गर्म दूध चेहरे पर मले, और फिर इसे ठंडे पानी से धो लें। इससे चेहरे का सौन्दर्य बढ़ेगा। चेहरे के धब्बों पर ताजे दूध के झाग मिलने से धब्बे मिट जाते हैं। सोते समय चेहरे पर दूध की मलाई लगाने से भी कील-मुहांसे तथा दाग-धब्बों पर ताजे दूध के झाग मलने से धब्बे मिट जाते हैं। 
  1. दूध में पानी मिलाकर रूई के फाहे से ‘शरीर पर रगड़ने के थोड़ी देर बाद स्नान करने से खुजली की समस्या मिट जाती है। 
  1. सूर्योदय (सुबह सूरज उगने से पहले) से पहले गर्म दूध के साथ जलेबी या रबड़ी खाने से आधाशीशी (आधे सिर के दर्द) का दर्द दूर हो जाता है। 50 ग्राम बकरी के दूध में लगभग 50 ग्राम भांगरे के रस को मिलाकर धूप में गर्म होने के लिए रख दें। अब इस मिले हुए दूध में लगभग 5 ग्राम कालीमिर्च के चूर्ण को मिलाकर सिर में मलने से आधे सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  1. आंखों में चोट लगी हो, जलन हो रही हो, मिर्च-मसाला गिरा हो, कोई कीड़ा गिर गया हो या दर्द होता हो, तो रूई के फाहे को दूध में भिगोकर आंखों पर रखने से आराम मिलता है। दूध की 2 बूंदे  आंखों में डालने से भी  आराम होता है। 
  1. आंखों के अन्दर तिनका या कोई चीज गिर जाए और वह निकल न रहा हो तो आंख में दूध की 3 बूंदे डालें। दूध की चिकनाहट से अवांछित चीज आंख से बाहर निकल जाएगी। 
  1. दूध में 5 पीपल डालकर गर्म करें, इसमें चीनी डालकर सुबह और ‘शाम पीने से सांस के रोग जैसे खांसी, जुकाम, दमा, फेफड़े की कमजोरी तथा वीर्य की कमी आदि रोग दूर होते हैं। 
  1. सुबह नाश्ते में 1 केला, 10 ग्राम देशी घी के साथ खाकर ऊपर से दूध पी लें। दोपहर के बाद 2 केले, लगभग 30 ग्राम खजूर, 1 चम्मच देशी घी खाकर ऊपर से दूध पीयें। ऐसा रोजाना करने से ‘शरीर में वीर्य की मात्रा बढ़ जाती है। 
  1. मूत्राशय के रोग में दूध में गुड़ मिलाकर पीने से लाभ होता है। 
  1. बच्चों को दूध पिलाने के बाद थोड़ा-सा पानी पिलायें।  और कुल्ले करायें। इससे बच्चों के दांत नहीं गलते हैं। 
  1. छोटे बच्चों को दस्त हो तो गर्म दूध में चुटकीभर पिसी हुई दालचीनी डालकर पिलाने से दस्त बंद हो जाते हैं। बड़ों को इसे दोगुनी मात्रा में पिलाना चाहिए। 
  1. सुबह के समय दूध पीना बहुत ही लाभकारी होता है। दूध का पाचन सूर्य की गर्मी से होता है। अत: रात को दूध नहीं पीना चाहिए। साधारणतया दूध सोने से तीन घंटे पहले पीना चाहिए। रात को ज्यादा गर्म दूध पीने से स्वप्नदोष होने की संभावना रहती है। 
  1. ताजा गर्म दूध पीना अच्छा रहता है। यदि यह सम्भव न हो तो दूध गर्म करके पीयें। गर्म उतना ही करें जितना गर्म पिया जा सकता है। दूध को ज्यादा उबालने से दूध के प्राकृतिक गुण समाप्त हो जाते हैं। दूध को बहुत उलट-पुलट कर झाग पैदा करके धीरे-धीरे पीने से दूध पीने में मजा आता है। 
  1. चीनी में मिला दूध कफकारक होता है। अक्सर दूध में चीनी मिलाकर मीठा करके पीते हैं। चीनी मिलाने से दूध में जो कैल्शियम होता है वह खत्म हो जाता है। इसलिए दूध में चीनी मिलाना उचित नहीं होता है। दूध में प्राकृतिक मिठास होती है। फीके दूध को पीने से थोड़े ही समय में उसके प्राकृतिक मिठास का आभास होने लगता है और उसमें बाहर की कोई चीज डालकर मीठा करने की जरूरत नहीं होती है। जहां तक हो सके दूध में चीनी न मिलाएं अगर मिठास की जरूरत हो तो शहद, मीठे फलों का रस, मुनक्का को भिगोकर इसका पानी, गन्ने का रस या ग्लूकोज मिलायें। बूरा या मिश्री मिला हुआ दूध वीर्यवर्द्धक और त्रिदोषनाशक होता है। 
  1. किसी-किसी बच्चे या व्यक्ति को दूध हजम नहीं होता या उन्हें दूध अच्छा नहीं लगता। इसके लिए दूध उबालते समय उसमें 1 पीपल डालकर दूध उबालकर पीयें। इससे पेट में गैस नहीं बनती।

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  1.  दूध में शहद मिलाकर पीने से भी पेट में गैस नहीं बनती है। दूध जल्दी पच जाता है। 
  1. दूध के साथ नारंगी, मौसमी का रस मिलाकर पीने से या दूध पीकर ऊपर से नारंगी खाने से दूध जल्दी पच जाता है। 
  1. अगर दूध बादी करता हो, गैस बनाता हो तो अदरक के टुकड़े या सोंठ का चूर्ण और किशमिश मिलाकर सेवन करना चाहिए। 
  1. ताजा दूध निकालकर छानकर बिना गर्म किये ही उसमें मिश्री या शहद और भिगोई हुई किशमिश का पानी मिलाकर लगातार 40 दिन पीने से पुरुष का वीर्य बढ़ता है तथा आंखों की रोशनी भी तेज होती है। यह दूध खांसी, स्नायु की दुर्बलता, बच्चों का सूखा रोग, क्षय रोग (टी.बी), हिस्टीरिया, दिल की धड़कन आदि रोगों में भी बहुत उपयोगी है। छोटे-छोटे कमजोर बच्चों को यह दूध पीने से लाभ मिलता है।
  1. दूध पीने से संभोग की इच्छा उत्पन्न होती है। 3 महीनों तक रोजाना रात को सोते समय दूध पीने से यौन या संभोग करने की दृष्टि से औरतों-आदमियों की संभोग करने की इच्छा और कामशक्ति के साथ-साथ संभोग करने का समय भी बढ़ जाता है। दूध में शहद मिलाकर पीने से पुरुष का वीर्य भी बढ़ जाता है। 
  1. मां का दूध पीने वाले बच्चों से ज्यादा ऊपर का दूध पीने वाले बच्चों के दांत जल्दी खराब होते हैं क्योंकि दूध में मिलाई गई चीनी ही दांतों को खराब करती है।
  1. गर्मी के मौसम में ज्यादा गर्म चीजें खाने से अगर पेशाब में जलन हो तो कच्चे दूध में पानी मिलाकर, लस्सी बनाकर पीने से लाभ मिलता है। 250 मिलीलीटर दूध और 250 मिलीलीटर पानी में चीनी मिलाकर पीने से पेशाब की जलन में लाभ होता है। 
  1. कोई भी रोग हो, दिन में कम से कम 15 से 20 बार थोड़ा-थोड़ा दूध पीने से सारे रोगों में लाभ होता है। 
  1. गाय के दूध में घी, सोंठ व मुनक्का डालकर उबालकर पीने से जीर्ण बुखार ठीक हो जाता है। 
  1. गाय के दूध को गर्म करके उसमें मिश्री व कालीमिर्च का चूर्ण डालकर पीने से जुकाम दूर होता है।
  1.  100 मिलीलीटर दूध में 5 ग्राम सोंठ का चूर्ण डालकर उबालकर उसमें चीनी मिलाकर रात को सोते समय खाने से पित्त विकार दूर होता है। 
  1. दूध के मावे में चीनी मिलाकर सेवन करने से आधासीसी (आधे सिर का दर्द) दूर हो जाता है। 
  2. गाय के दूध में 5 गुना पानी मिलाकर पानी जलने तक उबालकर ठण्डा करके पीने से रक्तपित दूर होता है। 
  1. गाय का दूध और पानी बराबर मात्रा में लेकर उबाल लें। उबलने पर जब केवल दूध शेष रह जाए तब इस दूध को पीने से पेचिश की शिकायत दूर हो जाती है। 
  1. गाय का ताजा दूध और घी इकट्ठा कर उसमें मिश्री मिलाकर बच्चों को पिलाने से चेचक के बुखार में लाभ होता है। 
  1. गाय के दूध में सोंठ को घिसकर सिर पर लेप करने से 7-8 घंटों में भयंकर सिर दर्द भी दूर होता है। 
  1. गाय के दूध में रूई को भिगोकर उस पर फिटकरी का चूर्ण आंखों पर बांधने से दुखती हुई आंखें ठीक होती हैं। 
  1. दूध के साथ पका हुआ आम, दलिया, जमीकन्द, अनार, अंगूर, छुहारा, इलायची, लौंग कबाबचीनी तथा मिश्री इत्यादि खाने से लाभ होता है।
  1. उबाले हुए हल्के गर्म दूध में 25-25 ग्राम गाय के पेशाब और शक्कर को मिलाकर सेवन करने से अण्डकोष में उतरी आंत्र अपने आप ऊपर चली जाती है।
  1. 1 गिलास मीठे गर्म दूध में 25 ग्राम अरंडी का तेल मिलाकर पीने से अण्डकोष वृद्धि ठीक होती है। 

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  1. आंखों के लाल होने पर मोथा या नागर मोथा के कन्द को साफ करके बकरी के दूध में घिसकर आंखों में लगाने से आराम आता है। 
  1. पतले दूध में पीपल डालकर पीना चाहिए। इससे श्वास या दमा रोग ठीक हो जाता है। रोगी को केवल गर्म पानी अथवा गर्म दूध पिलाने से कफ पतला होकर दमे के रोग में आराम मिलता है। दमे का दौरा पड़ने पर हल्के गर्म पानी में रोगी के दोनों पैरों को रख देते हैं। इससे बहुत लाभ मिलता है तथा इससे बढ़ी हुई सांस तुरन्त सामान्य हो जाती है।
  1. दूध में 5 पीपल डालकर गर्म करें। इसके बाद इसमें शक्कर डालकर रोजाना सुबह-शाम पीयें। इससे खांसी तथा फेफड़ों की कमजोरी दूर हो जाती है। इस प्रयोग को कुछ महीनों तक करना चाहिए। 
  1.  दूध या मुनक्का के रस में अमलतास मिलाकर पीने से बुखार दूर हो जाता है। 
  1.  6 ग्राम से 10 ग्राम पंचतिक्त घृत को ठण्डे दूध में मिलाकर रोजाना सुबह और शाम पीने से आंखों का नासूर ठीक हो जाता है। 
  1.  250 मिलीलीटर दूध, 125 मिलीलीटर पानी, एक गांठ हल्दी का चूर्ण और जरूरत के अनुसार गुड़ लेकर सभी को एक बर्तन में डालकर उबालने के लिए रख दें और जब उबलते-उबलते केवल दूध ही बाकी रह जाये, तो इसे उतार लेते हैं फिर इसे छानकर खांसी के रोगी को गुनगुना सा पिला देते हैं। इससे खांसी पूरी तरह से ठीक हो जाती है। 
  1. 100 ग्राम जलेबी को 400 मिलीलीटर दूध में मिलाकर खाने से सूखी खांसी में लाभ मिलता है।
  1.  दूध में 5 पीपल डालकर गर्म करके इसमे चीनी मिलाकर रोजाना सुबह-शाम पीने से खांसी ठीक हो जाती है। 
  1.  कमल पुंकेसर, मुनक्का, काकोलीमूल, यष्टिमधु एवं विदारीकन्द, दूध में उबालकर उसका नेत्र बिन्दु तैयार कर लें। इसकी 2 से 4 बूंदे रोजाना आंखों में डालने से आंखों का फूला कट जाता है। 
  1. भैंस का दूध बूंद-बूंद करके आंखों में डालने से आंखों के हर भाग (कनीनिका, पुतली) की सूजन, आंखों में दर्द, आंखों का लाल होना आदि रोग दूर हो जाते हैं। 
  1. बच्चे के दांत निकलते समय अतिसार (दस्त) होने पर टोण्ड मिल्क पिलाएं। ध्यान रहे-बच्चे के दांत निकलते समय भैंस का दूध न दें। बच्चे के दांत निकलते समय गर्म दूध में हल्का जन्मघुट्टी मिलाकर बच्चों को पिलायें। इससे पेट का दर्द व कब्ज दूर होता है।
  1. मां का दूध 1-2 बूंदे बच्चे की आंखों में डालने से आंख आने का रोग दूर हो जाता है। 
  1. औरत का दूध आंखों में डालने से रक्तपित्त और वातजन्य आंखों का दर्द समाप्त हो जाता है। 
  2. औरत का दूध और दारूहरिद्रा का क्वाथ (काढ़ा) बना लें इसका अंजन (काजल) के रूप में प्रयोग करने से नटखन्ड रोग में लाभ होता है। 
  1. रोजाना सुबह 250 मिलीलीटर गर्म दूध में 20 ग्राम देशी घी मिलाकर पीयें या मक्खन में 25 ग्राम मिश्री मिलाकर खाएं या 250 मिलीलीटर दूध में 4 छुहारे डालकर और उस दूध को उबालकर छुहारे खाकर दूध को पी लें। इससें दिमाग की कमजोरी से होने वाले सिर का दर्द ठीक हो जाता है और रतौंधी (रात में न दिखाई देना) के रोग में लाभ होता है। 
  1. भैंस के कच्चे दूध की बूंदे रोजाना आंखों में डालने से रोशनी से डरने के रोग में लाभ होता है। बच्चे की मां का दूध आंखों में बूंद-बूंद करके डालने से आंखों के कई सारे रोग दूर हो जाते हैं। 
  1. अल्सर के रोग में रोगी को बार-बार दूध पीना चाहिए, भोजन नहीं करना चाहिए। अनार का रस एवं आंवले का मुरब्बा खाएं। एक बार ही उबले दूध को 2-2 घंटे के अन्तर के बाद देना चाहिए। पर ध्यान रहे कि खून की उल्टी में दूध का सेवन न करें। 
  1. औरत का दूध (खासकर लड़के की मां का दूध) आंखों में बूंद-बूंद करके डालने से आंखों के बहुत से रोग ठीक होते हैं। 
  1. भैंस का दूध आंखों में बूंद-बूंद करके डालने से आंखे लाल होना, आंखो की सूजन और आंखों का दर्द समाप्त हो जाता है। 
  1.  250 मिलीलीटर गाय का दूध, 250 मिलीलीटर पानी और 5 साबुत कालीमिर्च लेकर पानी में डालकर आग पर चढ़ा दें और जब पानी जल जाये, तब उसे उतारकर छान लें। इसमें मिश्री मिलाकर पीने से वायुगोला (पेट की गैस) का दर्द मिट जाता है। 

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  1. गर्म दूध के साथ ईसबगोल की भूसी या गुलकन्द लेने से शौच खुलकर आती है। 
  1. बवासीर रोग से ग्रस्त रोगियों को भी इसका सेवन करना चाहिए। 
  1. गाय का ताजा दूध पैरों के तलवों पर रगड़ने से बवासीर में राहत मिलती है। 
  1. दूध और का घी का सेवन करने से कब्ज समाप्त हो जाती है। दूध में घी या मुनक्का डालकर सेवन करने से कब्ज नहीं होती है। 
  1. 2 चम्मच गुलकन्द को गर्म दूध में डालकर सोने से पहले पीने से सुबह ‘शौच खुलकर आती है।
  1.  250 मिलीलीटर दूध में 4 चम्मच ईसबगोल की भूसी डालकर पीने से मल ढीला होकर बाहर निकल जाता है। 
  1. 20 ग्राम ईसबगोल को दूध के साथ रात में सोने से 30 मिनट पहले सेवन करने से कब्ज समाप्त हो जाती है। 
  1. भैंस का दूध घी में मिलाकर पीने से भस्मक रोग (बार-बार भूख लगना) में लाभ होता है। 
  1. दूध की खीर में चिरचिटे का बीज मिलाकर खाने से भस्मक रोग बार-बार भूख लगना) मिट जाता है। 
  1. 125 मिलीलीटर से 250 मिलीलीटर आक का दूध दिन-रात 4 बार सेवन करने से संग्रहणी (पेचिश) अतिसार (दस्त) रोग दूर हो जाता है। 
  1. दूध में 5 अदद पीपल को डालकर उसमें थोड़ी-सी चीनी मिलाकर पीने से गैस में राहत मिलेगी। 
  1. भूख के समय योनि में गर्भाशय के मुंह पर कच्चे दूध का फोया रखने से यदि मुंह से दूध की सुगंध आए तो समझना चाहिए कि स्त्री बांझ नहीं है। 
  1. 100 मिलीलीटर दूध को 300 मिलीलीटर पानी में मिलाकर नागरमोथा डालकर उबालें जब पानी जल जाये तब इसका सेवन करने से आमातिसार (ऑवदस्त) में लाभ होता है। 
  1. 200 मिलीलीटर बकरी का दूध और 25 ग्राम कच्चे बेल के गूदे को एक साथ लेकर दोनों की लुगदी बनाकर उसमें 40 मिलीलीटर बकरी का पेशाब और 100 मिलीलीटर सरसों के तेल को डालकर अच्छी तरह पका लें। इस तेल को कान में डालने से कान से मवाद बहना, कान का दर्द और बहरेपन का रोग ठीक हो जाता है।
  1. दूध और रसौत को औरत के दूध में मिलाकर कान में डालने से कान का पुराना दर्द और कान से मवाद बहना ठीक हो जाता है। 
  1. 500 मिलीलीटर गाय के दूध को गर्म कर लें, फिर इसमें 20 ग्राम गाय का घी मिलाकर लगातार 3 दिन तक पीने से कान का दर्द चला जाता है। 
  1. औरत के दूध की 2-3 बूंदे रोजाना कान में डालने से कान का दर्द और जख्म भी दूर हो जाता है।
  1. बकरी के दूध को कान में डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है। 
  1. गर्म दूध को घूंट-घूंट कर पीने से हिचकी बंद हो जाती है।
  1. हल्के गुनगुने गाय के दूध को पीने से हिचकी में लाभ होता है। 

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  1. भेड़ का दूध पीने से हिचकी बंद हो जाती है। 
  1. हकलापन खत्म करने के लिये 10 ग्राम दूध में 250 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर रख लें। 2-2 ग्राम चूर्ण दिन में 2 बार मक्खन के साथ मिलाकर खायें। इससे हकलापन दूर होता है। 
  1. गाय के ताजे दूध में नींबू का रस निचोड़कर पीयें। इस प्रकार 5 से 6 दिन तक पीने से बवासीर ठीक हो जाती है। 
  1. 125 मिलीलीटर बकरी के दूध और 250 मिलीलीटर पानी लें। इसमें 10 ग्राम बेलगिरी डालकर आग पर गर्म करें। जब केवल दूध शेष रह जाये तो इसे छानकर और मिश्री मिलाकर पीने से खूनी पेचिश नष्ट हो जाती है। 
  1. 125 मिलीलीटर गाय के दूध में 250 मिलीलीटर पानी मिलाकर पिलाने से प्रसव जल्दी हो जाता है। 
  1. कमजोरी के कारण प्यास अधिक लगने पर दूध पीने से तेज प्यास शान्त हो जाती है। ताजा दूध 100 से 500 मिलीलीटर पाचन क्षमता के अनुसार पीने से तेज प्यास दूर होती है। 
  1. बकरी या गाय का दूध दिन में 3 बार खुराक के रूप में 2 से 3 महीने तक देने से जलोदर में लाभ होता है। 
  1. दूध को पीने से पक्वाशय में लाभ होता है। 
  1. दूध में रोटी भिगोकर खाने से ‘शरीर का मोटापा बढ़ जाता है। 
  1. दूध में 1 मुनक्का बीज निकला हुआ पीसकर सोते समय रोगी को देने से उसका पेशाब निकलना बंद हो जाता है। 
  1. दूध से बना मेवा या खोवा सोते समय 50 ग्राम की मात्रा में खाने पर नींद अच्छी आती है। 
  1. 1 चम्मच घी और चीनी 1 गिलास दूध में मिलाकर सोते समय पीने से नींद जल्दी आ जाती है। 
  2. भेड़ के दूध में अरंडी का तेल मिलाकर 4-5 दिन तक मालिश करने से घुटने, कमर और पैरों का वात-दर्द खत्म हो जाता है। तेल को गरम करके मालिश करें और ऊपर से पीपल, अरंडी या आक के पत्ते लपेट दें। 
  1. गर्म दूध में अरंडी का तेल या हरड़ का चूर्ण डालकर पीने से गुल्म (गैस के गोले) में लाभ होता है। 
  1. दूध, फल और बिस्कुट का प्रयोग सुबह नाश्ते में करने से मानसिक अवसार (दिमागी परेशानी) ठीक हो जाती है। 
  1. दूध, हरी सब्जियां, सलाद और अंकुरित अनाज को रात के भोजन में लेने से मानसिक अवसाद (दिमागी परेशानी) दूर हो जाती है। 
  1. चार कली लहसुन को पीसकर उसे दूध में अच्छी तरह से उबालें। फिर इसमें 2 चम्मच अरंडी तेल मिलाकर रोजाना सोने से पहले सेवन करने से अंगुलियों का कम्पन कम हो जाता है। 
  1. स्त्री का दूध बेहोश व्यक्ति की नाक में डालने से बेहोशी दूर हो जाती है। 
  1. लगभग 250 मिलीलीटर गाय के दूध में लगभग 6 ग्राम असगन्ध नागौरी और 6 ग्राम शतावर को पीसकर डाल दें। फिर इसमें 250 मिलीलीटर पानी डालकर गर्म करें और जब पानी जल जाये तब इसमें मिश्री मिलाकर रोगी को 1 हफ्ते तक पिलायें। इससे हिस्टीरिया रोग के कारण होने वाली बेहोशी दूर हो जाती है। 
  1. गाय के दूध या पेशाब के साथ साफ और शुद्ध एरण्ड के तेल को पीने से दस्त आकर पेट साफ हो जाता है और रोगी को पेट के दर्द से छुटकारा दिलता है। 
  1. 3 से 6 ग्राम महातिक्त घृत (घी) को दूध में मिलाकर रोजाना सुबह और शाम पीने से सब प्रकार के त्वचा के रोगों से छुटकारा मिल जाता है। 
  1. दूध में 50 मिलीलीटर ब्राह्मी रस को मिलाकर दिन में 3 बार लेने से दिमागी रोग दूर हो जाते हैं और याददाश्त मजबूत हो जाती है। 
  1. दही या दूध के साथ 10 ग्राम केंवाच के बीजों को 14 दिन तक खाने से घुटनों में पैदा दर्द दूर होता है। 
  1. 250 मिलीलीटर मेथीदाना और 1 ग्राम आंबाहल्दी को भेड़ के दूध में उबालकर कांच की गोली के आकार की गोलियां बनाकर सुखा लें। यह गोली हलुवे के साथ रोजाना खाने से जोड़ों का दर्द ठीक हो जाता है।
  1. दूध या बताशे में 10 से 15 बूंद अफसन्तीन का तेल मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से गठिया का दर्द दूर होता है। रात को सोते समय अरंडी का तेल दूध के साथ पीने से गठिया के दर्द के साथ-साथ कोष्ठबद्धता (कब्ज) नष्ट हो जाती है।
  1. लहसुन की 4 कलियों को दूध में उबालकर पीने से जोड़ों का दर्द दूर होता है। 
  1. सर्दी के मौसम में अक्सर चेहरा सूखकर उसकी चमक खत्म हो जाती है तो वह चमक दोबारा लाने के लिए कच्चे दूध में नींबू का रस मिला लें और इसे रूई से हल्का-हल्का चेहरे पर लगायें और थोड़ी देर के बाद साफ पानी से चेहरे को धो लें। 
  1. 1 गिलास गर्म दूध में स्वादानुसार मिश्री या शहद, 10 भीगी हुई किशमिश उसी भिगोये हुए पानी में पीसकर मिलाकर रोजाना 40 दिन पीने से दिल की धड़कन सामान्य होती है और शरीर में शक्ति आयेगी। 
  1. दूध, बादाम, पिस्ता, काजू, अखरोट, सेब, पपीता, अंजीर आदि उच्च रक्तचाप में लाभकारी है। 
  1. हाथ-पैरों में ठेक पड़ जाने पर आखडे़ के दूध में गुड़ मिलाकर ठेक पर बांधे तो इस रोग में लाभ मिलता है। 
  1. दूध के अन्दर पानी मिलाकर रूई के फाये से ‘शरीर पर मल लें और थोड़ी देर के बाद नहा लें इससे खुजली दूर हो जाती है। 
  1. हृदय (दिल) के रोगी को गाय का दूध व घी फायदेमन्द हैं भोजन में इसका प्रयोग रोजाना करें। 
  1. गाय का पेशाब, गोबर और दूध को गर्म करके लगाने से विसर्प रोग में आराम आता है। 
  1. ताजे दूध में मिश्री या शहद तथा भिगोई हुई 10 किशमिश डालकर रोजाना सुबह 40 दिनों तक पीने से हिस्टीरिया में लाभ मिलता है। 
  1. रोजाना दूध, दही और घी का उचित मात्रा में सेवन करने से रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) सामान्य हो जाता है। 
  1. 250 मिलीलीटर गाय के दूध में 2 ग्राम सोंठ मिलाकर सुबह-शाम पीने से पीलिया रोग नष्ट हो जाता है।
  1. पीलिया रोगी भोजन में केवल दूध-रोटी खायें। क्रीम निकाला हुआ दूध पीलिया रोग में लाभकारी है। 
  1. दूध में 5 तुलसी के पत्तों और लौंग को डालकर उसे उबालकर बच्चों को पिलाने से बच्चों की छाती मजबूत होती है तथा रोग ठीक होता है। 
  1. जब फीलपांव के रोगी को बीच-बीच में बुखार आ जाता हो तो 10 ग्राम मचनाग और सफेद मिर्च को 150 मिलीलीटर दूध में भिगों लें। प्रत्येक 24 घन्टे बाद दूध बदल दें। 3 दिनों के बाद अदरक के रस में मचनाग को घोंटकर लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग की गोलियां बनाकर रख लें। 1 गोली रोजाना 3 बार लेने से बुखार से छुटकारा मिल जाता है। 
  1. 250 मिलीलीटर गाय के दूध के साथ दो लाल रंग की घुंघची के चूर्ण को कुछ दिनों तक लगातार रोगी को खिलाने से बलगम के कारण होने वाला पागलपन ठीक हो जाता है। 

(Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi)

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  1. थोड़े से दूध में थोड़ी सी गुलाब की पंखुड़ियों को डालकर रख दें। थोड़ी देर के बाद पंखुड़ियों को पीसकर निकाल लें। दूध का रंग हल्का गुलाबी हो जाएगा। इसमें बादाम को पीसकर मिलाकर गाढ़ा सा लेप बना लें और फ्रिज में रख दें। थोड़ी देर के बाद फ्रिज में से निकालकर होठों पर लगा लें और कुछ देर बाद गीली रूई से साफ कर दें। इसको रोजाना होठों पर लगाने से होठ बिल्कुल मुलायम और लाल रहते हैं। 
  1. 10 ग्राम गाय के दूध से बने घी एवं 40 ग्राम दूध को 4 भाग (10-10 ग्राम की मात्रा) में लेकर कम तेज आग पर पका लें। इस चारों भाग में 3 से 6 ग्राम की मात्रा में असगंध नागौरी का चूर्ण मिला लें। यह मिश्रण रोजाना सुबह-शाम सेवन करने से कम्पन के रोगी का रोग जल्द ठीक हो जाता है। 
  1. अंगूठे के पर्व (नाखून) के बराबर ब्रजवल्ली को लेकर दूध के साथ खाने से सिर्फ 21 दिन में ही हर तरह का कोढ़ समाप्त हो जाता है। 
  1. दूध और जलेबी को एक साथ खाने से कुछ दिनों में ही सिरदर्द होना बंद हो जाता है। 
  1. दूध में ‘शक्कर मिलाकर नाक द्वारा लेने से आधासीसी (आधे सिर का दर्द) का दर्द दूर हो जाता है। 
  1. ठण्डे दूध और ठण्डे पानी को सिर पर डालने से शंखक नाम का सिर का रोग ठीक हो जाता है।
  1.  दूध, शक्कर और पानी को मिलाकर गर्म करें। इसकी भाप को नाक से सूंघने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है। 
  1. बकरी के दूध से मक्खन निकालकर सिर में मालिश करने से गर्मी के कारण होने वाला सिर का दर्द ठीक हो जाता है। 
  1. मिश्री मिला हुआ दूध, केवल दूध, नारियल का पानी, शीतल पानी या घी को नाक के द्वारा पीने से आधासीसी (आधे सिर का दर्द) का दर्द दूर हो जाता है। 
  1. एक आंवले को दूध के साथ रोजाना खाने से खून की कमी का रोग दूर हो जाता है। 
  1. 20 से 25 ग्राम आम का रस खाना खाने से पहले एक गिलास गाय के दूध में मिलाकर पीने से खून के रोगियों के लिये लाभकारी होता है। 
  1. सर्दियों में खुश्की से होठ फट जायें तो उन पर आधा चम्मच दूध की मलाई में चुटकी भर हल्दी का बारीक चूर्ण मिलाकर धीरे-धीरे मलने से या लगाने से होंठ चिकने और मुलायम हो जाते हैं। 
  1. दूध की मलाई को त्वचा पर मालिश करने से त्वचा कोमल और मुलायम हो जाती है। धूप की जलन से बचने के लिए दूध की मलाई और गुलाबजल को मिलाकर चेहरे पर मलें। दूध की मलाई और ‘शहद को मिलाकर चेहरे पर लेप करने से भी लाभ होता है। 
  1. लिंग की उत्तेजना दूर करने के लिए 4 किलो दूध में 1 किलो पानी मिलाकर पूरे दिन में वह दूध पीते रहें। इससे रोगी को लाभ मिलता है। 
  1. गर्म पानी या दूध को 3 से 6 ग्राम चोपचिन्यादि के चूर्ण के साथ रोजाना सेवन करने से रोगी में लिंग की उत्तेजना कम हो जाती है। 
  1. लाख को दूध में उबालकर या घी में भूनकर रख लें। फिर दूध में 3 ग्राम शहद मिलाकर भूनकर रखे हुए लाख के साथ रोजाना सुबह और ‘शाम सेवन करने से शरीर का रंग गोरा हो जाता है। इसका लगातार कुछ महीनों तक सेवन करने से चेहरे की झांइया भी दूर हो जाती हैं। 
  1. बादाम को मिलाकर तैयार किये गये दूध को सुबह खाली पेट पीने से और उसके 2 घंटे बाद तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए। इससे याददाश्त सही होती है इसके साथ ही इस दूध को पीने से आधे सिर का दर्द भी दूर हो जाता है। 
  1. लगभग 12.5 ग्राम चूने के पानी को दूध में मिलाकर पीने से कण्ठमाला (गले की गांठे) से बहते हुए फोड़े ठीक हो जाते हैं। 
  1. 500 मिलीलीटर दूध में 10 ग्राम शहद को मिलाकर इसमें एक अण्डा फेंट लें। सुबह इस दूध को पीकर कुछ देर तक सो जाना चाहिए। इसका सेवन लगातार 40 दिनों तक करना चाहिए इससे मनुष्य के शरीर में खून बढ़ता है जिससे शरीर में ताकत आती है। 
  1. गर्म-गर्म दूध में मिश्री, ‘शहद और घी को मिलाकर पीने से शरीर में मजबूती आती है और ताकत बढ़ती है। 
  1. दूध में 2 छुहारे डालकर रोजाना खाने से शरीर में शक्ति का विकास होता है।
  1.  दूध में शहद को मिलाकर पीने से शारीरिक बल और वीर्य में वृद्धि होती है। 
  1. लगभग 250 मिलीलीटर की मात्रा में दूध को लेकर गर्म करें और इस दूध में 4 या 5 केसर की पंखुड़ियां (लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग) की मात्रा में अच्छी तरह से मिलायें। अब इस दूध में मिश्री मिलाकर इस दूध का इसका सेवन सुबह या रात को सोने से पहले करने से व्यक्ति की मर्दानगी बढ़ती है। इसके अलावा सर्दी से बचाव होता है, शरीर में जोश आता है, शरीर में निखार आता है और हाथ और पैरों का बर्फ की तरह ठण्डा होना भी खत्म हो जाता है। 
  1. मिट्टी के ढेले को आग में गर्म करके और फिर उसे दूध में ठण्डा करके, उससे बच्चों की नाभि पर हल्की-हल्की सिकाई करने से नाभि (टुण्डी) की सूजन समाप्त हो जाती है।
  1. 1 गिलास दूध में 10 ग्राम आंवला का चूर्ण डालकर उबाल लें। एक बार सुबह खाली पेट और एक बार रात को सोते समय दूध को थोड़ा-सा ठण्डा करके पीना चाहिए। इसको पीने से सूखी खांसी ठीक हो जाती है।
  1. दूध में पंचमूल की औषधियों को पकाकर पीने से वात के कारण होने वाले दर्द में राहत मिलती है।

(Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi)

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 दूध में मिलावट की पहचान कैसे करें:  

  • सबसे पहले  थोड़ा सा दूध लें और साथ ही उसमें उतना ही पानी भी मिला लें।
  • अब दूध और पानी दोनों को खूब अच्छी तरह मिला लें।
  • अब इसे मिश्रण को हिला कर देखें। अगर इस दूध में डिटर्जेंट मिला होगा तो उसमे बहुत  ज्यादा झाग दिखाई देगा।
  • इसके बाद इस झाग में आने वाले बुलबुलों को लाइट के पास ले जाए और इन्हें ध्यान से देखें अगर झाग में बने बुलबुले बड़े आकर के  हैं और उनका रंग भी नजर आ रहा है तो यह दूध में डिटर्जेंट की मिलावट की ओर साफ़ इसारा करता है।

दूध पीने से होने वाले नुकसान :

किसी भी चीज का उपयोग एक सीमित मात्रा में करना ही हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। ठीक इसी प्रकार दूध का सेवन भी एक सीमित मात्रा में ही करना चाहिए तभी हमारे शरीर को फायदा होगा। अन्यथा यह हमारे शरीर के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है। 

दूध से होने वाले कुछ नुकसान इस प्रकार हैं:

  • दूध पीने से प्रास्टेट कैंसर का खतरा बढ़ता है। एक research में यह बात पता चली है कि डेयरी उत्पादों का सेवन करने से प्रास्टेट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • दूध पीने से कोलेस्ट्राल की समस्या बढ़ जाती है। खासकर के यह समस्या अधिक कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों में देखी गई है। दूध में Saturated Fat  पर्याप्त मात्रा पाया जाता है। इसलिए High Cholesterol Patients में  एक गिलास दूध पीने से कोलेस्ट्रोल के स्तर में वृद्धि हो जाती है जिससे की मोटापा, रक्तचाप या अन्य हृदय संबंधी रोग होने का खतरा बना रहता है।
  • दूध पीने से मुहांसे हो सकते हैं। ऐसा देखा गया है कई बार दूध का सेवन करने से हमारी त्वचा पर फुंसी या फिर चेहरे पर मुँहासे निकल आते हैं। बहुत सारी Research से यह बात पता चली है कि गाय का दूध पीने से मुहांसे होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। अब बात आती है ऐसा होता क्यों है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दूध में  काम्प्लेक्स फैट होता है, जो अच्छे से पच नहीं पाता है। इसी कारण से फुंसी की समस्या होती है।
  • यदि आपको लैक्टोज ऐलर्जी या दूध से ऐलर्जी है तो आपको दूध नहीं पीना चाहिए। इस कारण से अगर आपकी त्वचा पर खुजली होती है और लाल रंग के चकत्ते दिखाई पड़ते हैं तो आपको दूध नहीं पीना चाहिए। इसके अलावा दूध से ऐलर्जी होने पर साँस लेने में दिक़्कत या शरीर में सूजन की समस्या भी हो देखी गई है।
  • दूध का सेवन करने से बलगम या कफ की समस्या भी हो जाती है।
  • गाय का दूध पीने से पाचन संबंधी समस्या भी  हो जाती है।

(Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi)

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Healthy Milk ecipe –

सामाग्री –

  • 4 गिलास दूध
  • 1 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
  • 1 छोटी चम्मच सौंठ पाउडर
  • 1 छोटी चम्मच तुलसी पाउडर
  • 1 छोटी चम्मच दालचीनी पाउडर
  • 1 छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर
  • शहद ।

विधि –

  • दूध में ये सभी सामग्री एक एक कर डाले।
  • इसे तब तक उबालें जब तक की दूध आधा न हो जाए।
  • इसके बाद गैस बंद कर दे और स्वादानुसर  शहद मिलाकर सर्व करें।

पनीर बादाम दूध रेसिपी

सामग्री :

  • पनीर कद्दूकस किया हुआ 1/2 कप
  • बादाम कटे हुए 1/2 कप
  • दूध- 4 कप
  • केसर 
  • इलायची पाउडर
  • चीनी स्वादानुसार

विधि :

  • सर्वप्रथम बादाम को 7 या 8 घंटे के लिए पानी में भिगोएं और इसके बाद उसका छिलका छील लें। 
  • इसके बाद बादाम को ग्राइंडर में डालें साथ ही चार चम्मच पानी डालकर  पीस लें। 
  • अब सॉसपेन में दूध डालें और उसे उबाल लें। 
  • जब दूध में उबाल आ जाए तो उसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर डाल दें। 
  • इसके बाद इसे मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए गाढ़ा होने तक पकाते रहें। 
  • पैन में चीनी, बादाम का पेस्ट, इलायची पाउडर और केसर डालकर सभी एक साथ मिलाएं। इसके बाद इसे गिलास में डालकर सर्व करें।

(Doodh Ke 141+ Fayde in Hindi)

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Fuggy Pandey

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