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पब्लिक प्रोविडेंट फंड क्या है? – Public Provident Fund in Hindi

पीपीएफ(PPF) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली एक बचत योजना है। जिसे 1968 में वित्त मंत्रालय के नेशनल सेविंग इंस्टिट्यूट द्वारा पेश किया गया था। पीपीफ (Public Provident Fund) खाते पर ब्याज भारत सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है और इसे हर तिमाही निर्धारित किया जाता है। यह section 80C के तहत कर-मुक्त भी है। वर्तमान में 1 अप्रैल  से 30 जून  2020 (Q1 FY 2020-21) के लिए पीपीएफ ब्याज दर 7.1% तय की गई है। जनवरी – मार्च २०२० (Q4 FY 2019-20) के लिए पीपीफ का ब्याज दर 7.9% था।

पीपीएफ खाते की मुख्य विशेषताएं :- 

  1. पीपीएफ खाते में मूलधन और ब्याज की गारंटी सरकार द्वारा दी जाती है। 
  2. प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक खाते में योगदान कर मुक्त है। पीपीएफ खाते पर ब्याज भी कर-मुक्त है।
  3. पीपीएफ खाते के लिए ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही घोषित की जाती है। पीपीएफ रिटर्न उस अवधि में कई बैंकों की एफडी दरों से अधिक है।
  4. पीपीएफ खाता कोई भी भारतीय नागरिक खुलवा सकता है।
  5. पीपीएफ खाता खोलने के लिए अधिकतम उम्र का कोई प्रतिबंध नहीं है।
  6. पोस्ट ऑफिस और सभी सरकारी व प्रमुख बैंको की शाखाओ में पीपीएफ खता खुलवाया जा सकता है।
  7. सरकारी बचत योजना होने से निवेश सुरक्षा की पूरी गारंटी भारत सरकार के द्वारा दी जाती है।
  8. अभिभावक के संरक्षण में बच्चों का खाता भी खुलवाया जा सकता है। 10 साल से बड़ा बच्चा खुद भी स्वतंत्र रूप से खुलवा सकता है। 
  9. यह खाता कम से कम ₹500/- रुपए शुरुआती जमा के साथ खुल सकता है। तथा हर साल इस खाते में कम से कम ₹500/- रुपए जमा करने की ही अनिवार्यता है अन्यथा ₹50/- प्रति वर्ष के हिसाब से पेनल्टी लग सकती है।
  10. प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख रुपए तक जमा किया जा सकता है। और हर साल अधिकतम 12 बार तक पैसा जमा करने की छूट है जो अपनी सुविधानुसार कभी भी कम या ज्यादा जमा कर सकते हैं।
  11. इस खाते में NEFT / RTGS और नेट बैंकिंग से भी पैसा जमा करने की सुविधा है।
  12. पीपीएफ खाते की जमा राशि, ब्याज और निकासी, तीनों पर टैक्स की छूट है। 5 साल बाद आंशिक निकासी की रकम भी पूरी तरह टैक्स फ्री है।
  13. पीपीएफ खाते में जमा राशि पर अच्छी ब्याज दर मिलती है। पोस्ट ऑफिस और बैंकों में हर जगह एक समान ब्याजदर दिया जाता है।
  14. पीपीएफ खाते के तीसरे साल से जमा राशि के बदले लोन लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।खाते खुलने के 5 साल बाद इमरजेंसी में खाता बंद करने की भी सुविधा है।
  15. पीपीएफ खाते के15 साल पूरे होने के बाद ब्याज सहित पूरी राशि दी जाती है। खाते के मेच्योरिटी के बाद भी इसकी अवधि अगले पांच-पांच साल बढ़वा सकते है।
  16. पीपीएफ खाते में नोमिनी बनाने की भी सुविधा है।
  17. पीपीएफ खाते को आवश्यकता के अनुसार आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक शाखा में कभी भी ट्रांसफर कर सकते है।

पीपीएफ के लिए पात्रता (eligibility) :- 

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कोई भी व्यक्ति जो भारत का निवासी है, वह PPF खाता खोल सकता है। पीपीएफ खाते माता-पिता द्वारा अपने नाबालिग बच्चों के लिए भी खोले जा सकते हैं। एनआरआई पीपीएफ खाते नहीं खोल सकते हैं। हालांकि, एक निवासी भारतीय जो पीपीएफ खाता खोलने के बाद एनआरआई बन गया है, वह खाता परिपक्वता तक जारी रख सकता है। संयुक्त खाते और कई खाते खोलने की अनुमति नहीं है। 

पीपीएफ खाते पर ब्याज :- 

पीपीएफ एक निश्चित आय निवेश है। पीपीएफ खाते पर ब्याज दर हर तिमाही केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित की जाती है। पीपीएफ पर ब्याज की गणना महीने के पांचवें दिन की समाप्ति और हर महीने के आखिरी दिन के बीच न्यूनतम शेष राशि पर की जाती है। वर्तमान में पीपीएफ खाते का ब्याज दर 7.9% (July19-Sept19 के लिए ) है ।

पीपीएफ खाते की अवधि :-

पीपीएफ (Public Provident Fund) खाता, खाता खुलने के उस वित्तीय वर्ष से अगले 15 साल की समाप्ति के बाद परिपक्व होता है जिस वर्ष खाता खोला गया था। उदाहरण के लिए, अगर PPF खाता 1 फरवरी 2005 को खोला गया था, तो यह 31 मार्च 2020 को यानी 31 मार्च 2005 से 15 साल तक परिपक्व होगा। परिपक्वता पर, आप PPF खाते को 5 साल के ब्लॉक में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा सकते हैं।

पीपीएफ (Public Provident Fund) खाते के लिए नामांकन नियम:-

पीपीएफ खाते में नामांकन एक या अधिक व्यक्तियों के पक्ष में किया जा सकता है। इसमें प्रत्येक नामांकित व्यक्ति के प्रतिशत शेयर को भी निर्दिष्ट करने की आवश्यकता होती है। कोई भी, यानी माता-पिता, पति या पत्नी, रिश्तेदार, बच्चे, दोस्त आदि नामांकित हो सकते हैं। पीपीएफ खाते में नामांकित व्यक्ति को जोड़ने के लिए Form E का उपयोग किया जाता है।

पीपीएफ खाते के कार्यकाल के दौरान किसी भी समय नामांकन किया जा सकता है। नामांकन में परिवर्तन, रद्द या परिवर्तन Form F के माध्यम से किया जा सकता है।

पीपीएफ (Public Provident Fund) खाते में टैक्स की छूट:-

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पीपीएफ खाते में योगदान (प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक) आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत Exempted है , अर्जित ब्याज पर छूट दी जाती है और परिपक्वता आय को भी कर से छूट दी जाती है। पीपीएफ खाते पर अर्जित ब्याज का आयकर रिटर्न पर उल्लेख करना होता है।

अटैचमेंट आर्डर (Attachment Order) से सुरक्षा:-

पीपीएफ खाता किसी भी आदेश या सरकारी बचत बैंक अधिनियम, 1873 के तहत किसी भी ऋण या देयता के लिए किसी भी अदालत के निर्णय के तहत संलग्न नहीं किया जा सकता। यह आयकर विभाग सहित सभी लेनदारों के खिलाफ खाता धारकों की सुरक्षा करता है।

पीपीएफ खाते पर लोन :- 

  •  पीपीएफ खाते पर लोन प्राप्त करने की सुविधा खाता खोलने की तारीख से 6 वें वित्तीय वर्ष तक 3 वें वित्तीय वर्ष से उपलब्ध है। दूसरे शब्दों में, वित्तीय वर्ष के अंत से एक वर्ष की समाप्ति के बाद किसी भी समय लोन प्राप्त किया जा सकता है जिसमें खाता खोला गया था, लेकिन वित्तीय वर्ष के अंत से पांच वर्ष की समाप्ति से पहले जिसमें खाता खोला गया था । 
  • उदाहरण के लिए, यदि PPF खाता 1 फरवरी , 2014 (वित्तीय वर्ष 2013-14) में खोला जाता है, तो वित्तीय वर्ष का अंत जिसमें खाता खोला गया था, 31 मार्च, 2014 है। तब लोन 1 अप्रैल, 2015 से लिया जा सकता है और लोन खाता खोलने के वित्तीय वर्ष के अंत से अगले पांच साल यानि 31 मार्च, 2019 (वित्त वर्ष 2018-19) तक प्राप्त किया जा सकता है।
  • इस तरह के लोन की अधिकतम अवधि ३ साल है| पीपीएफ खातों पर लोन की अधिकतम राशि पिछले वित्त वर्ष के अंत में शेष राशि का 25% है, जिस वर्ष लोन के लिए आवेदन किया गया था। उदाहरण के लिए, यदि निवेशक अप्रैल 2014 में लोन लेना चाहता है, तो अधिकतम लोन जो प्राप्त किया जा सकता है, वह 31 मार्च, 2013 को शेष राशि का 25% होगा| पीपीएफ खाते के बदले लोन लेने के लिए Form D जमा करना आवश्यक होता है। 
  • पीपीएफ खाते के बदले लिए गए लोन पर देय ब्याज दर पीपीएफ खाते पर तत्कालीन ब्याज दर से 2% अधिक लगता है।

निष्क्रिय खाते को पुनः चालू करने के लिए:-

  • यदि पीपीएफ (Public Provident Fund) खाते में प्रति वर्ष ₹500/- रुपये का न्यूनतम योगदान नहीं किया जाता है, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है।
  • खाते को पुन: चालू करने के लिए एक आवेदन पोस्ट ऑफिस या बैंक शाखा में जमा करना होता है।
  • प्रत्येक वर्ष खाते के निष्क्रिय होने पर ₹50/- का जुर्माना देना पड़ता है। और खाता निष्क्रिय होने के वित्तीय वर्ष से अगले सभी वर्षों के लिए ₹500/- की न्यूनतम राशि का भुगतान करना होता है।

पीपीएफ खाते से आंशिक निकासी:- 

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जिस वर्ष खाता खोला गया है, उसके 5 वर्ष की समाप्ति के बाद आंशिक निकासी की जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि 1 जनवरी, 2014 को खाता खोला गया था, तो वित्तीय वर्ष 2021-22 से निकासी की जा सकती है। प्रति वित्तीय वर्ष में केवल एक आंशिक निकासी की अनुमति है। प्रति वित्तीय वर्ष में निकाली जा सकने वाली अधिकतम राशि चालू वर्ष से पहले, वित्तीय वर्ष के अंत तक खाते की शेष राशि का 50%, या चालू वर्ष से पहले, चौथे वित्तीय वर्ष के अंत तक खाते का शेष राशि का 50% है। पीपीएफ खाते से आंशिक राशि निकालने के लिए Form C जमा किया जाना आवश्यक होता है।

पीपीएफ खाते को समयपूर्व बंद करने की स्थिति में:-

खाता खोलने के 5 वर्षों के भीतर पीपीएफ खाते के प्री-मेच्योर क्लोजर करने की अनुमति नहीं है। उसके बाद इसे केवल विशिष्ट आधारों पर ही बंद किया जा सकता है, जैसे खाताधारक, पति या पत्नी, आश्रित बच्चों या माता-पिता की गंभीर बीमारीओं में, जिसमे जान का खतरा हो | पर इन आधारों को साबित करने के लिए आपके पास जरुरी चिकत्सीय डॉक्यूमेंट होना चाहिए।

खाता धारक की मृत्यु होने पर:-

पीपीएफ (Public Provident Fund) खाता धारक की मृत्यु के मामले में, पीपीएफ खाते में नामांकित / कानूनी उत्तराधिकारी व्यक्ति द्वारा खाताधारक के मृत्यु प्रमाण पत्र दे कर पीपीएफ खाता के आय पर दावा किया जा सकता है। दावेदार को इसके साथ फॉर्म जी तथा एक आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होता है , जिसमें खाता संख्या, नामांकित विवरण आदि जैसे दावे से संबंधित जानकारी हो।

पीपीएफ खाते की Maturity:-

पीपीएफ खाता, खाता खुलने वाले वित्तीय वर्ष के अंत से अगले 15 वर्ष की अवधि के बाद Mature हो जाता है Maturity के समय, खाताधारक के पास निम्न विकल्प होते हैं:-

परिपक्वता राशि की निकासी – 

खाताधारक पीपीएफ (Public Provident Fund) राशि के साथ-साथ अर्जित ब्याज को वापस ले सकता है। संपूर्ण परिपक्वता आय कर से मुक्त है।

योगदान के साथ पीपीएफ का विस्तार-

एक ग्राहक एक बार में 5 साल के ब्लॉक में पीपीएफ खाते को अनिश्चित काल तक बढ़ा सकता है। खाताधारक को Form H जमा करके आगे के योगदान के साथ खाते का विस्तार करने के लिए आवेदन देना होगा। एक बार जब खाता योगदान के साथ विस्तारित हो जाता है, तो खाते के विस्तार की तारीख तक शेष राशि का अधिकतम 60% निकाला जा सकता है। यह राशि एक बार में निकाली जा सकती है या फिर कई वर्षों में निकाली जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम एक बार निकासी की जा सकती है।

पीपीफ खाते में उपयोग होने वाले फॉर्म्स:-

  1. PPF FORM A: Account Opening
  1. PPF FORM B: Contribution
  1. PPF FORM C: Partial Withdrawal
  1. PPF FORM D: Loan
  1. PPF FORM E: Nomination
  1. PPF FORM F: Change of Nomination
  1. PPF FORM G: Claim
  1. PPF FORM H: Extension
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Fuggy Pandey

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